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मोक्ष के लिए दोबारा हुई अंत्येष्टि, 'गुड़िया' रख हुआ जयललिता का दाह संस्कार

Wed, 14 Dec 2016 09:15 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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जयललिता
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बीते सोमवार को तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार पर कई तरह के सवाल उठे थे। अब उसमें और तल्खियां आनी शुरू हो गई है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, जयललिता के रिश्तेदारों ने उनकी मोक्ष की प्राप्ति के लिए मंगलवार को हिंदू रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जयललिता को दफनाया गया था। इसे देखते हुए उनके रिश्तेदारों ने श्रीरंगपटना में कावेरी नदी के तट पर उनका दाह संस्कार किया। उनका मानना है कि इससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के मुख्य पुजारी रंगनाथ लंगर ने जयललिता के दाह संस्कार की रस्में पूरी करवाईं। इस दौरान जयललिता के शव की जगह एक प्रतीकात्मक गुड़िया को उनकी प्रतिकृति के रूप में रखा कर दाह संस्कार किया गया। बताया जा रहा है कि संस्कार से जुड़े कुछ कर्म अभी भी बचे हुए हैं, जो अगले पांच दिनों में पूरे किए जाएंगे।
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जयललिता के सौतेले भाई ने पूरी की रस्में

21 Untold Facts about Jayalalithaa
रिपोर्ट के अनुसार, जयललिता के सौतेले भाई वरदराजू ने सभी रस्मों को पूरा किया। उन्होंने कहा कि एआईडीएमके को जयललिता की मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए। क्या उनकी बहन नास्तिक थी या हिंदू त्योहारों और मान्यताओं को नहीं मानती थी? ऐसे में उनकी पार्टी ने उन्हें दफनाने का फैसला क्यों लिया? उनके अंतिम संस्कार से परिवार को क्यों दूर रखा गया?

बताते चलें कि जयललिता के अंतिम संस्कार के दौरान पार्टी ने उनके परिवार से दूरियां बना ली थीं। यहां तक जब वह अस्पताल में भर्ती थीं तो भी परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने नहीं दिया जाता था। इसके बाद जयललिता के मैसूर और मेलूकोट में रहने वाले भतीजों में नाराजगी है।
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