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Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में नहीं होगी जवानों की गिरफ्तारी! 'रणबीर पीनल कोड' में नहीं था ये संरक्षण

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Tue, 02 May 2023 04:47 PM IST

सार

Jammu Kashmir: आदेशों में कहा गया है कि राज्य सरकार भी अपने पुलिस बलों/फोर्स को उक्त सेक्शन के सब-सेक्शन (1) के अंतर्गत प्रोटेक्शन प्रदान कर सकती है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सेना के अलावा जितने भी केंद्रीय बल हैं, उन सभी के जवानों को गिरफ्तारी से संरक्षण मिलेगा...
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Jammu Kashmir: श्रीनगर में जवान - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों का ऑपरेशन हो, नाका ड्यूटी या कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना, इस तरह की ड्यूटी के दौरान जवानों पर भीड़ द्वारा हमला किया जाता रहा है। कुछ वर्ष पहले तक कश्मीर में पत्थराव की घटनाएं सामान्य बात थी। इनमें अनेक जवान घायल हो जाते थे।

सेना, केंद्रीय बलों के जवानों को मिलेगा संरक्षण

यहां तक कि जब सशस्त्र बलों के जवान किसी ऑपरेशन में आतंकियों के साथ लोहा लेते थे, तब एकाएक भीड़ द्वारा सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया जाता था। सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों के साथ ऐसी घटनाएं होती रही हैं। उस वक्त स्थिति को संभालने के लिए जवानों द्वारा जब बल प्रयोग किया जाता, तो उन्हें ही आरोपी बनाकर कानूनी कार्रवाई के दायरे में लेने का प्रयास होता था। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दोनों जगहों पर जवानों को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया गया है। आदेशों में कहा गया है कि राज्य सरकार भी अपने पुलिस बलों/फोर्स को उक्त सेक्शन के सब-सेक्शन (1) के अंतर्गत प्रोटेक्शन प्रदान कर सकती है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सेना के अलावा जितने भी केंद्रीय बल हैं, उन सभी के जवानों को गिरफ्तारी से संरक्षण मिलेगा। सीआरपीएफ के आदेश में लिखा है कि अगर सशस्त्र बल का कोई जवान ड्यूटी के तहत यात्रा कर रहा है, तो वहां भी संरक्षण का प्रावधान रहेगा।

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