आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने रविवार को आरोप लगाया कि पूर्व वाईएसआरसीपी सरकार ने पार्टी के कार्यालयों के निर्माण के लिए 26 जिलों में 42 एकड़ जमीन आवंटित की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन भूखंडों को 33 साल के लिए 1,000 रुपये की मामूली कीमत पर पट्टे पर आवंटित किया गया था।
लोकेश ने 'एक्स' पर कहा, "आपने (वाईएस जगन मोहन रेड्डी) वाईएसआरसीपी कार्यालयों के लिए 26 जिलों में 42 एकड़ जमीन 33 साल के लिए 1,000 रुपये पट्टे पर आवंटित की।" उन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों में निर्माणाधीन कथित वाईएसआरसीपी कार्यालयों की की एक दर्जन से ज्यादा तस्वीरें भी पोस्ट कीं।
नारा लोकेश की ओर से यह बयान तब सामने आया है, जब तेदेपा ने दावा किया है कि जगन रेड्डी के लिए विशाखापत्तनम के रुशिकोंडा में कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये की लागत से एक आलीशान हवेली बनाई गई और ताडेपल्लील में एक निर्माणाधीन वाईएसआरसीपी केंद्रीय पार्टी कार्यालय को हाल ही में ध्वस्त कर दिया गया।
तेदेपा का आरोप है कि इतालवी संगमरमर, 200 झूमर, रंगबिरंगी रोशनी और अन्य सुविधाओं के साथ निर्मित हवेली कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री का निवास स्थान है। लोकेश के मुताबिक, 42 एकड़ भूमि की कीमत 600 करोड़ रुपये बताई जाती है। यह जमीन आसानी से 4,200 गरीब लोगों के लिए एक-एक फीसदी की दर से जमीन का वितरण कर सकती थी। तेदेपा महासचिव ने कहा कि रुशिकोंडा हवेली पर खर्च किए गए पैसे से 25 हजार लोगों के लिए घरों का निर्माण हो सकता था।
सत्तारूढ़ पार्टी ने रविवार को राज्यभर में विभिन्न चरणों बन रही इमारतों की 19 तस्वीरें प्रसारित कीं। पार्टी ने आरोप लगाया कि ये इमारतें वाईएसआरसीपी कार्यालय हैं। तेदेपा ने एक बयान में कहा कि ताडेपल्ली में वाईएसआरसीपी द्वारा निर्मित अवैध इमारतों के विध्वंस के साथ कई सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं। वरिष्ठ अधिकारी अब इस बात का विस्तार से अध्ययन कर रहे हैं कि कैसे वाईएसआरसीपी ने पार्टी कार्यालयों के निर्माण के नाम पर सभी 26 जिलों में प्रमुख इलाकों में सैकड़ों करोड़ रुपये की जमीनों पर कब्जा कर लिया है।