भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक ने कमांडेंट राजेश कुमार तोमर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की पुष्टि की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ आईटीबीपी बल एक्ट-1992 के तहत एक जनरल फोर्स कोर्ट (जीएफसी) ट्रायल आयोजित किया गया था।
भ्रष्टाचार के आरोप में आईटीबीपी ने कमांडेंट रैंक के एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया। एक सरकारी आदेश में बताया गया कि उनके वेतन और भत्तों को जब्त कर लिया गया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक ने कमांडेंट राजेश कुमार तोमर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की पुष्टि की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ आईटीबीपी बल एक्ट-1992 के तहत एक जनरल फोर्स कोर्ट (जीएफसी) ट्रायल आयोजित किया गया था।
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बता दें कि आईटीबीपी अधिनियम और नियमों के तहत, एक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य अनियमितताओं के आरोपों पर जीएफसी द्वारा मुकदमा चलाया जा सकता है। आईटीबीपी महानिदेशक ने बताया कि जीएफसी ने तोमर को सात आरोपों में दोषी ठहराया। तोमर वर्ष 1992 में आईटीबीपी में शामिल हुए और उनकी अंतिम तैनाती जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में थी। उन्होंने 1962 में गठित अर्धसैनिक बल में 30 साल बिताए।