अरुणाचल प्रदेश में अब 5 साल तक के बच्चों की आधार नामांकन की परेशानी दूर हो गई है। इसके लिए आधार-लिंक्ड जन्म पंजीकरण ( एएलबीआर) शुरू किया गया है। साथ ही अब अरुणाचल पूर्वोत्तर में नागालैंड के बाद 'एएलबीआर' शुरू करने वाला दूसरा राज्य बन गया है। इस पहल की शुरुआत गुरुवार को महिला एवं बाल विकास सचिव मिमम तायेंग ने यूआईडीएआई के निदेशक अभिषेक कौशिक की उपस्थिति में की।
तायेंग ने कहा कि यह नवजात शिशुओं के नामांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले मोबाइल ऐप 'पोषण ट्रैकर' पर लाभार्थियों के विवरण के उचित रिकॉर्ड रखने में मददगार साबित होगा।
अधिकारियों को दिए निर्देश
उन्होंने अधिकारियों को पहल का सफल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि कोई भी बच्चा किसी भी सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
कितना अलग होगा आधार?
कौशिक ने कहा, सफल नामांकन पर, बच्चे को नीले रंग का 'बाल आधार' प्रदान किया जाएगा, जो अन्य आधार कार्डों से स्पष्ट रूप से अलग होगा। बता दें कि नोडल विभाग एक ऐसा विभाग है जो राज्य में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार, अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय, आधार संबंधी गतिविधियों की जानकारी रखता है।