इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन(इसरो) ने हाल ही में अपने सबसे बेहतरीन रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 का सफल परीक्षण किया है। साथ ही कई रॉकेट भी अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किए हैं। इसके बावजूद इसरो का भरोसा पीएसएलवी पर बना हुआ है, जिसके माध्यम से आगामी शुक्रवार को इसरो एक साथ 31 सेटेलाइट लांच करने जा रहा है।
इसरो द्वारा शुक्रवार को 31 सेटेलाइटों के साथ अंतरिक्ष में जा रहे पीएसएलवी की ये 40वीं उड़ान होगी। इस उड़ान में पीएसएलवी अपने साथ कार्टोसैट-2ई सेटेलाइट को लेकर जा रहा है, जो अर्थ ऑब्जर्वेशनल सेटेलाइट यानि पृथ्वी पर नजर रखने वाला सेटेलाइट है। इसके साथ ही 30 अन्य नैनो सेटेलाइटों को लेकर शुक्रवार को पीएसएलवी 9.29 बजे सुबह उड़ान भरेगा। इस उड़ान में कुछ विदेशी सेटेलाइट भी अंतरिक्ष जाएंगे।
पीएसएलवी श्रीहरिकोटा लांचिंग पैड से उड़ान भरकर अंतरिक्ष में 505 किमी की उंचाई पर इन सेटेलाइटों को स्थापित करेगा। पीएसएलवी के साथ जाने वाले सेटेलाइटों में 29 विदेशी होंगे, जो ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, चिली, चेक गणराज्य, फिनलैंड, जर्मनी, इटली जैसे 14 देशों के हैं। एक सेटेलाइट तमिलनाडु के नूरुल इस्लाम विश्वविद्यालय के छात्रों ने तैयार किया है।
पीएसएलवी के साथ जाने वाला कार्टोसैट-2ई सेटेलाइट 712 किलो वजनी है। ये कार्सोसैट-2 सिरीज का छठां सेटेलाइट है।