एक दिन पहले भाजपा पर कटाक्ष करने वाली शिवसेना ने मंगलवार को यू-टर्न ले लिया। शिवसेना ने राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का फैसला किया है। मंगलवार की शाम शिवसेना नेताओं की बैठक के बाद कोविंद को समर्थन देने का एलान किया गया। इससे शिवसेना की ओर से भाजपा की अड़चन समाप्त हो गई है।
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना एनडीए के साथ है। हालांकि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आज भी राष्ट्रपति पद के लिए हमारी पहली पसंद हैं। उद्धव ने कहा कि हमेशा भाजपा का विरोध करना हमारी भूमिका नहीं है। हमें जहां लगता है कि भाजपा का यह काम ठीक नहीं है वहां हम विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा कि हमने रामनाथ कोविंद के बारे में पता किया। रामनाथ कोविंद काफी संघर्ष करने के बाद आगे आए हैं। वह अच्छे व्यक्ति हैं। लेकिन, अब राष्ट्रपति के चुनाव में जाति की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
वहीं, सोमवार को पार्टी के 51वें स्थापना दिवस पर उद्धव ठाकरे ने कहा था कि यदि दलित मतों के लिए रामनाथ कोविंद का नाम घोषित किया गया है तो शिवसेना समर्थन नहीं देगी। लेकिन, दूसरे दिन ही शिवसेना ने अचानक यू-टर्न लिया और रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का एलान कर दिया।
मालूम हो कि इससे पहले शिवसेना ने राष्ट्रपति पद के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और फिर कृषि वैज्ञानिक एम.एस.स्वामीनाथन का नाम प्रस्तावित किया था लेकिन, भाजपा की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
बीते रविवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खुद शिवसेना अध्यक्ष के घर गए थे और करीब डेढ़ घंटे तक उनसे चर्चा की थी। उस समय शिवसेना ने समर्थन का कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया था। किन्तु, उम्मीदवार घोषित होने के दूसरे दिन शिवसेना ने अपना इरादा साफ कर दिया कि वह एनडीए के साथ बनी रहेगी।