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ISRO: समुद्र के नीचे राम सेतु का पहला नक्शा आपने देखा क्या?, इसरो के वैज्ञानिकों ने किया हैरान करने वाला काम

Wed, 10 Jul 2024 09:28 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

इसरो ने नासा के आईसीईसैट-2 सैटेलाइट के डेटा की मदद से राम सेतु का समुद्र के नीचे का पहला मैप तैयार किया है। ये पुल भारत के रामेश्वरम से श्रीलंका के मन्नार द्वीप के बीच मौजूद है। जिसका कुल 99.8 फीसदी हिस्सा पानी में डूबा हुआ है।
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समुद्र के नीचे राम सेतु का पहला नक्शा - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत की स्पेस एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने राम सेतु का सबसे विस्तृत नक्शा तैयार किया है। जिसे एडम्स ब्रिज के नाम से जाना जाता है। जो इस बात की पुष्टि करता है कि डूबा हुआ पुल भारत के धनुषकोडी से लेकर श्रीलंका के तलाईमन्नार द्वीप तक फैला है।
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पानी में डूबा है 99.8 प्रतिशत हिस्सा
इसरो के जोधपुर और हैदराबाद राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्रों के शोधकर्ताओं ने नासा उपग्रह के आईसीईसैट-2 के साथ नक्शे का अध्ययन किया, जिसने समुद्र तल से लेजर किरणों को उछाला और पाया कि एडम्स ब्रिज का 99.8 प्रतिशत हिस्सा उथले पानी में डूबा हुआ था। इस वजह से जहाजों के जरिए पुल का सर्वे होना मुश्किल है। वैज्ञानिकों ने पुल के नीचे 11 संकरी नालियों को भी देखा, जिनकी गहराई 2-3 मीटर के बीच थी जो मन्नार की खाड़ी और पाक जलडमरूमध्य के बीच पानी के प्रवाह को आसान बनाती थी।

धनुषकोडी और तलाईमन्नार तक फैला है राम सेतु
वहीं शोध के शोधकर्ताओं के अनुसार, हमारी जांच के नतीजे इस बात की पुष्टि करते हैं कि राम सेतु (एडम्स ब्रिज), धनुषकोडी और तलाईमन्नार द्वीप का एक सबमरीन श्रृखंला है। एडम्स ब्रिज की क्रेस्ट लाइन पर, दोनों तरफ लगभग 1.5 किमी का हिस्सा बेहद उथले पानी के भीतर अचानक गहराई के साथ काफी उतार-चढ़ाव वाला है। जबकि मौजूदा भूगर्भीय साक्ष्यों से पता चलता है कि यह पुल भारत और श्रीलंका के बीच एक भूतपूर्व जमीनी संबंध है।
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एडम्स ब्रिज, जिसे भारतीय उपमहाद्वीप में ज्यादातर राम सेतु के नाम से जाना जाता है, श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी तट पर मन्नार द्वीप और भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर रामेश्वरम द्वीप के बीच उथले पानी की एक श्रृंखला है। वहीं रामेश्वरम के मंदिर में लगे तमाम अभिलेखों से पता चलता है कि यह राम सेतु 1480 तक पानी के ऊपर था और एक चक्रवात तूफान के दौरान जलमग्न हो गया था।

राम सेतु पर क्या कहता है रिसर्च
स्टडी में कहा गया है, रिसर्च में राम सेतु (एडम्स ब्रिज) के आयतन की गणना की गई, जिससे लगभग 1 km 3 की वैल्यू हासिल हुई। और दिलचस्प बात यह है कि इस आयतन का केवल 0.02 प्रतिशत ही औसत समुद्र तल से ऊपर है, और सामान्य तौर पर, ऑप्टिकल सैटेलाइट इमेजरी में भी यही दिखाई देता है - कुल मिलाकर, एडम्स ब्रिज का लगभग 99.98 प्रतिशत हिस्सा उथले और बहुत उथले पानी में डूबा हुआ है। एडम्स ब्रिज की वर्तमान भौतिक विशेषताओं की पुष्टि करने के लिए, वैज्ञानिकों ने 3डी-व्युत्पन्न मापदंडों के माध्यम से बाथिमेट्रिक डेटा से दृश्य व्याख्याओं का उपयोग किया, जिसमें आकृति, ढलान और वॉल्यूमेट्रिक विश्लेषण शामिल थे।
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