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Space: NISAR के बाद भी अंतरिक्ष क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे नासा और इसरो, दोनों एजेंसियों में हुई अहम बातचीत

Fri, 17 Nov 2023 02:54 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

 इसरो ने ये भी कहा कि NISAR लॉन्चिंग की तैयारी और भविष्य में दोनों एजेंसियों के संयुक्त रूप से अंतरिक्ष खोज को लेकर भी चर्चा हुई। इस बातचीत में दोनों एजेंसियों के बीच तकनीकी ज्ञान के आदान प्रदान को लेकर भी बात हुई। 
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नासा के एलआरओ के लॉन्च की तस्वीर - फोटो : NASA
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विस्तार
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अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा और भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के बीच अहम बातचीत हुई है, जिसमें दोनों एजेंसियों के बीच भविष्य में भी अंतरिक्ष के क्षेत्र में मिलकर काम करने को लेकर चर्चा हुई। बता दें कि नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेट्री के डायरेक्टर लॉरी लेशिन ने इसरो मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान लेशिन ने इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ से भी मुलाकात की। 
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भविष्य में भी दोनों एजेंसियां मिलकर कर सकती हैं काम
दोनों अधिकारियों की मुलाकात को लेकर इसरो ने एक बयान जारी कर बताया कि डॉ. लॉरी लेशिन ने जेट प्रोपल्शन लेबोरेट्री और इसरो के अधिकारियों के इसरो के यूआर सैटेलाइट सेंटर में किए जा रहे संयुक्त प्रयासों को लेकर खुशी जाहिर की। लेशिंग ने नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) को लेकर भी चर्चा की। इसरो ने ये भी कहा कि NISAR लॉन्चिंग की तैयारी और भविष्य में दोनों एजेंसियों के संयुक्त रूप से अंतरिक्ष खोज को लेकर भी चर्चा हुई। इस बातचीत में दोनों एजेंसियों के बीच तकनीकी ज्ञान के आदान प्रदान को लेकर भी बात हुई। बता दें कि लेशिंग बीती 15 नवंबर को बंगलुरू आईं थी। 

NISAR पर फोकस
नासा और इसरो पहले ही एक पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किए जाने वाले NISAR रडार पर मिलकर काम कर रहे हैं। इस रडार को दोनों एजेंसियों ने मिलकर विकसित किया है और इसे अगले साले की शुरुआत में आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा। NISAR की मदद से पूरी दुनिया को सिर्फ 12 दिनों में मैप किया जा सकेगा। इससे पृथ्वी के इकोसिस्टम में हो रहे बदलावों के बारे में ज्यादा बेहतर डाटा मिल सकेगा। इसमें पृथ्वी पर मौजूद ग्लेश्यिरों की स्थिति, समुद्र का जल स्तर, जमीन के भीतर मौजूद पानी, भूकंप, सुनामी और भू-धंसाव संबंधी जानकारी ज्यादा बेहतर तरीके से मिल सकेंगी। 
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