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ISRO जासूसी मामला 1994: गुजरात के पूर्व ADGP और अन्य को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत, वैज्ञानिक को फंसाने का आरोप

Fri, 20 Jan 2023 06:07 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

जस्टिस के. बाबू की सिंगल बेंच ने केरल पुलिस के पूर्व अधिकारियों एस. विजयन और थंपी एस दुर्गा दत्त और रिटायर्ड खुफिया अधिकारी पीएस जयप्रकाश को शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दे दी। 
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केरल हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केरल हाईकोर्ट ने 1994 के इसरो जासूसी मामले में इसरो के पूर्व वैज्ञानिक को कथित तौर पर फंसाने के एक मामले में गुजरात के पूर्व एडीजीपी आरबी श्रीकुमार और केरल के पूर्व डीजीपी सिबी मैथ्यूज सहित पुलिस और खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व अधिकारियों को शुक्रवार को अग्रिम जमानत दे दी।

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इन पूर्व अधिकारियो मिली सशर्त जमानत
जस्टिस के. बाबू की सिंगल बेंच ने केरल पुलिस के पूर्व अधिकारियों एस. विजयन और थंपी एस दुर्गा दत्त और रिटायर्ड खुफिया अधिकारी पीएस जयप्रकाश को शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दे दी। 
 

सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया था पिछला आदेश
हाईकोर्ट ने 2021 में भी उन्हें अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश को रद्द कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने पांच आरोपियों की जमानत अर्जियों पर नए सिरे से सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए मामले को वापस हाईकोर्ट के पास भेज दिया था कि कुछ पहलुओं पर विचार किए बिना आदेश पारित किया गया है। 
 

हाईकोर्ट ने आरोपियों को जमानत के लिए रखीं ये शर्तें
हाईकोर्ट ने कहा, आरोपियों को पूछताछ के लिए 27 जनवरी की सुबह दस बजे से ग्यारह बजे के बीच सीबीआई के सामने पेश होना होगा। वे दो सप्ताह की अवधि के लिए सोमवार और शुक्रवार को पूछताछ अधिकारी के समक्ष पेश होते रहेंगे। वे जरूरत पड़ने पर पूछताछ के लिए जांच अधिकारी को रिपोर्ट करना जारी रखेंगे। अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है, तो एक-एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत पर रिहा किया जाएगा। 
 
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भारत को नहीं छोड़ सकता आरोपी : हाईकोर्ट
कोर्ट ने आगे कहा, आरोपी न्यायिक कोर्ट की अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जा सकता। वे गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे या सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। कोर्ट ने आगे फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपियों को पूरी तरह से जांच में सहयोग करना होगा, जैसे गुरबचन सिंह और सुशीला अग्रवाल मामले में देखा गया है।
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