दुबई से इस्राइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में बुधवार को ऐसा संकट आया, जिसने 174 यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। विमान को भारतीय कैप्टन स्मित मछार उड़ा रहे थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन और ओमानी सह-पायलट के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान चाकू से हमला किया गया और विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा। सह-पायलट पर विमान को जानबूझकर गिराने की कोशिश का संदेह है। भारतीय कैप्टन मछार ने इस्राइली यात्रियों की मदद से उसे काबू किया और विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट में सुरक्षित उतारा गया।
कॉकपिट में भारतीय कैप्टन पर हमला कैसे हुआ?
इस्राइली अधिकारियों के अनुसार, कॉकपिट में संघर्ष के दौरान ओमानी सह-पायलट पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने का संदेह है। इसी दौरान सह-पायलट और भारतीय कैप्टन के बीच संघर्ष हुआ। सह-पायलट को भी चाकू लगने की बात सामने आई है। आखिरकार भारतीय कैप्टन ने विमान में मौजूद इस्राइली यात्रियों की मदद से सह-पायलट को काबू किया। एक यात्री के अनुसार, कॉकपिट की तरफ से चीखने की आवाजें आईं और वहां काफी खून दिखाई दिया। विमान में मौजूद डॉक्टर और नर्स ने घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दिया।
भारतीय कैप्टन ने 174 यात्रियों को कैसे संभाला?
घटना के समय विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। कॉकपिट में झड़प के बीच विमान की स्थिति अचानक गंभीर हो गई। विमान की ऊंचाई करीब 34 हजार फीट से तेजी से घटकर 14 हजार फीट तक पहुंच गई। फ्लाइट ट्रैकिंग के अनुसार, एक समय विमान के नीचे आने की रफ्तार करीब 30,976 फीट प्रति मिनट दर्ज हुई। इस दौरान भारतीय कैप्टन ने स्थिति संभाली और यात्रियों की मदद से सह-पायलट को काबू किया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़कर तबुक में उतारा गया।
हाईजैक का अलर्ट क्यों जारी हुआ और लड़ाकू विमान क्यों भेजे गए?
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 ने दुबई से सुबह 7:05 बजे उड़ान भरी थी और उसे करीब 9:30 बजे तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पहुंचना था। करीब 90 मिनट बाद विमान ने पहले 7700 आपातकालीन कोड भेजा। इसके बाद 7500 कोड प्रसारित हुआ, जो विमान में अवैध हस्तक्षेप और संभावित हाईजैक से जुड़ा होता है। विमान ने रास्ता बदला और सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में चला गया। पायलट से संपर्क नहीं होने पर इस्राइली अधिकारियों को हाईजैक की आशंका हुई और वायुसेना के लड़ाकू विमान रवाना किए गए। बाद में पता चला कि आपातकालीन स्थिति का कारण पायलटों के बीच हुई झड़प थी।
विमान आखिर सऊदी अरब में क्यों उतरा और यात्रियों का क्या हुआ?
विमान सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। फ्लाईदुबई ने सभी यात्रियों के सुरक्षित होने और उनकी देखभाल किए जाने की बात कही। एयरलाइन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी है। यात्रियों को आगे तेल अवीव पहुंचाने के लिए दुबई से दूसरा विमान भेजने की तैयारी की गई। इस्राइल की सरकारी एयरलाइन ने भी यात्रियों को वापस लाने में मदद की पेशकश की। इस घटना के बाद इस्राइली सुरक्षा एजेंसियों ने भी जांच शुरू की। अधिकारियों ने सह-पायलट के कथित विमान गिराने के प्रयास समेत पूरे घटनाक्रम की जांच की बात कही है।
नेतन्याहू ने हादसे पर क्या कहा?
नेतन्याहू ने भी फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने उस पायलट को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला किया और कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। विमान में बड़ी संख्या में इस्राइली यात्री सवार थे। नेतन्याहू ने बताया कि यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू कर लिया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। उन्होंने यात्रियों और चालक दल की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और साहस से कई लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी।