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इस्लामिक आतंकवाद से हिंदुओं को खतरा

Mon, 24 Oct 2016 04:35 AM IST
एम संजय/अमर उजाला, हैदराबाद 
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- फोटो : Demo Pic
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संघ ने इस्लामिक टेरेरिज्म का शब्द गढ़ते हुए इससे हिंदुओं को खतरा बताया है। तमिलनाडु के हालातों का हवाला देते हुए संघ के सहसरकार्यवाह जी भागैयया ने कहा कि यहां इस्लामिक टेरेरिज्म महज संघ कार्यकर्ताओं को ही नहीं पूरे हिंदू समुदाय को निशाना बना रहा है। हालांकि आतंकवाद पर संघ के जरिए धर्म का रंग चढ़ाने से सियासी बवाल मचने के भी आसार हैं। 
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तमिलनाडू, पश्चिम बंगाल और केरल की सरकारों पर मुस्लिम परस्त होने का आरोप लगाते हुए संघ ने कहा है कि इन राज्यों में हिंदुओं पर जुल्म ढाए जा रहे हैं। और यहां की राज्य सरकारें मूक दर्शक बनी हुई हैं।

हैदराबाद में शुरू हुई अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के पहले दिन संघ ने केरल, तमिलनाडू और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हो रही हत्या के मामलों पर प्रस्ताव पारित कर चिंता जताई है। संघ के सह सरकार्यवाह जी भागैय्या ने कहा है कि लोकतंत्र होने के बावजूद भी केरल में समाजिक और राजनैतिक कार्यकर्ताओं की हत्याओं का सिलसिला लगातार चल रहा है। 
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उन्होंने कहा कि केरल में राजनैतिक असहिष्णुता चरम पर है। तो तमिलनाडू के हालातों पर उन्होंने कहा कि इस्लामिक टेरेरिज्म यहां संघ—भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा हिंदू समाज को निशाना बना रहा है। इस्लामिक टेरर से हिंदुओं को खतरा है। वहीं पश्चिम बंगाल का मामला सामने रखते हुए भागैय्या ने कहा कि बंगाल में हिंदू समाज पर घोर अत्याचार हो रहा है। 
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एकात्म दर्शन के जरिए होगी विश्व में शांति

- फोटो : demo Pic
मुहर्रम के लिए मुर्ति विसर्जन को प्रतिबंधित किया गया। ममता सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट ने भी कहा है कि राज्य सराकर मुस्लिम तुष्किरण के लिए हिंदूओं पर आक्रमण न करे। संघ का कहना है कि केरल में उसके लिए वामपंथ खतरा है। तो तमिलनाडु में इस्लामिक टेरोरिज्म और पश्चिम बंगाल में अब तणमूल कांग्रेस से हिंदुओं को खतरा है।

वहीं यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा की राह आसान बनाने के कवायद में संघ ने दोबारा से समरसता की राह पकड़ी है। संघ अब दलितों को संवैधानिक अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ेगा। तो यूपी में सरमसता सम्मेलनों की संख्या बढ़ेगी। 

भागैय्या ने कहा कि छुआछूत किसी भी स्वस्थ्य समाज के लिए ठीक नहीं है। दलित और निचले तबके के लोगों को संविधान में प्राप्त अधिकार मुहैया प्रदान कराने की कवायद में संघ स्वयंसेवक पहले से कार्य कर रहे हैं। इस प्रयास को और तेज किया जाएगा। इसके अलावा समरसता सम्मेलनों की संख्या भी यूपी समेत पूरे उत्तर भारत में बढ़ाई जाएगी।

संघ ने कहा है कि पूरे विश्व में विद्वेष फैल रहा है, व्यक्ति—व्यक्ति का दुश्मन बना हुआ है। संघ का कहना है कि दीन दयाल उपाध्याय के दर्शन एकात्म मानववाद पर चलकर ही विश्व में शांति बहाल होगी। विश्व में शांति के लिए संघ की ओर से अलग से सोमवार को बैठक में प्रस्ताव पेश होगा।
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