भारत में इस्लामिक स्टेट चीफ हारिस फारूकी और उसका सहयोगी गिरफ्तार
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आईएसआईएस इंडिया प्रमुख हारिस फारूकी उर्फ हरीश अजमल फारुखी और उसके सहयोगी अनुराग सिंह उर्फ रेहान को बांग्लादेश से सीमा पार करने के बाद बुधवार को असम के धुबरी जिले से गिरफ्तार कर लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि खुफिया सूचनाओं के 15 दिनों के विश्लेषण और स्थानीय लिंक की तलाश के बाद यह कार्रवाई की गई।
एनआईए को सौंपे दिए गए पकड़े गए दो आतंकी
एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के महानिरीक्षक पार्थसारथी महंत ने कहा कि दो आईएसआईएस आंतकियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पहले ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया है। हमें लगभग 15 दिन पहले एक केंद्रीय एजेंसी से जानकारी मिली थी कि धुबरी के कुछ हिस्सों में आईएसआईएस आतंकी की संभावित आवाजाही हो सकती है। इनपुट विश्वसनीय थे और इसलिए एसटीएफ को शामिल किया गया था। इस बीच, एनआईए ने भारत में आईएसआईएस के दो आतंकी हारिस फारूकी और उसके सहयोगी अनुराग सिंह उर्फ रेहान, जिन्हें असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) द्वारा गिरफ्तार किया गया था, को गुवाहाटी में एनआईए अदालत में पेश किया।
15 दिनों तक विश्लेषण के बाद की आतंकियों पर कार्रवाई- महंत
महंत ने कहा, इसके बाद एसटीएफ ने संभावित क्षेत्रों पर काम करना शुरू कर दिया था, यदि कोई स्थानीय लिंक हो तो उसे ढूंढने की कोशिश की और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक योजना तैयार की थी।
आईजीपी ने कहा कि पुलिस के पास पहले से ही आईएसआईएस आंतकियों की तस्वीरें थीं और उनमें से दो सड़क पर चल रहे लोगों से मेल खाती थीं। उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और तुरंत गुवाहाटी ले आए।' हमने उन्हें कल रात ही एनआईए को सौंप दिया। एनआईए उन्हें दिल्ली और अन्य स्थानों पर ले जाएगी, जहां दोनों के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
असम के पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने गिरफ्तारी को देश में आतंकवाद का मुकाबला करने के राष्ट्रीय प्रयास में अंतर-एजेंसी तालमेल का परिणाम बताया। सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन में शामिल अधिकारियों की टीम को बधाई। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने (नाम न छापने की शर्त पर) कहा कि दोनों आईएसआईएस कैडर दिल्ली मॉड्यूल से संबंधित एनआईए मामले में वांछित हैं, जिसमें दिल्ली, मुंबई और लखनऊ की घटनाएं शामिल हैं।