कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा फैलाया जा रहा आतंक जग जाहिर है। जम्मू-कश्मीर में आईएसआईएस के कदम फैलाने से पहले पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी युवाओं को बहकाने का काम करती आई हैं। ये एजेंसियां कश्मीरी युवाओं बहकाने के लिए उग्र आतंकी संगठनों का सहारा लेती हैं।
पाकिस्तानी एजेंसियां इन आतंकी संगठनो को ग्लैमर और प्रसिद्धि का आसान तरीका बनाते हैं। ये संगठन कश्मीरी युवाओं को ग्लैमर का लालच देकर अपने साथ जोड़ते हैं। इसके लिए वह प्रेरणादायक वीडियो का सहारा लेते हैं। इन वीडियो में जिहाद के लिए लड़ने वालों को इस्लाम का असली सिपाही बताया जाता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कश्मीर में आईएसआईएस के बड़ी संख्या में प्रशंसक हैं। आईएसआईएस ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ने के लिए कई प्रकार के लालच देता है। ये लोग उनके साथ काम करने वालों को इस्लाम का बेहतरीन लड़ाका बताते हैं, जो कश्मीर के लिए लड़ते हैं।
जांच एजेंसियों की माने तो वह इंटरनेट ट्रैफिक पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में कश्मीरी युवा आईएसआईएस का वीडियो देखते हैं। युवा इस्लामिक स्टेट और सीरिया एवं ईराक की सेना के साथ मुठभेड का वीडियो भी देखते हैं।