यमन के एक वृद्धाश्रम से अगवा किए गए भारतीय पादरी टॉम उजूननलिल को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने गुड फ्राइडे के दिन सूली पर चढ़ा दिया। वियना के आर्कबिशप (बिशपों के प्रमुख) ने यह दावा किया है।
वियना के आर्कबिशप क्रिस्टोफ कार्डिनल स्कोनबोर्न ने ऑस्ट्रिया के सेंट स्टीफन कैथेड्रल चर्च में यह जानकारी दी। हालांकि अभी ये पता नहीं चल सका है कि आखिर कैसे आर्कबिशप को फादर टॉम को सूली पर चढ़ाए जाने की जानकारी मिली, लेकिन ऑस्ट्रियाई मीडिया में यह खबर चलाई जा रही है। बंगलूरू से ताल्लुक रखने वाले फादर टॉम को चार मार्च को यमन के एक वृद्धाश्रम से अगवा कर लिया गया था।
वृद्धाश्रम में रहने वाले के रिश्तेदार बनकर आए आतंकियों ने यहां कत्ले आम मचाया था और कम से कम 15 लोगों की जान ले ली थी। इस हमले को अंजाम देने के पीछे आईएस से जुड़े आतंकियों का हाथ बताया जा रहा है। यमनी अधिकारियों ने कहा कि अभी किसी ने वृद्धाश्रम पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन यह काम आईएस से जुड़े आतंकियों द्वारा किए जाने का शक है।
इसके बाद मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि आईएस की तरफ से कई धार्मिक समूहों को धमकी दी जा रही है कि वह फादर को गुड फ्राइडे के दिन सूली पर चढ़ा देंगे। हालांकि बंगलूरू में स्थित फादर के चर्च ने इन सभी दावों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि फादर टॉम कहां हैं और किसके पास हैं। फादर टॉम को अगवा किए जाने और उन्हें सूली पर चढ़ाए जाने की खबरों को लेकर पोप फ्रांसिस ने भी दुख जताया था।