सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा से अपने विवाद को लेकर चर्चा में रहे नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के प्रमुख राकेश अस्थाना सहित तीन आईपीएस अधिकारियों को शीर्ष वेतनमान दिया गया है। अब उनकी सैलरी 2.25 लाख रुपये हो जाएगी। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश से यह जानकारी मिली है।
सीबीआई में रिश्वतखोरी मामले के चलते केंद्र सरकार ने राकेश अस्थाना को पद से हटा दिया था। फिलहाल वह सिविल एविएशन सिक्योरिटी ब्यूरो (बीसीएएस) के महानिदेशक हैं।
मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी अस्थाना और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख वाई सी मोदी को 2.25 लाख रुपये का शीर्ष वेतनमान दिया गया है।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक एस एस देसवाल को भी शीर्ष वेतनमान दिया गया है। तीनों 1984 बैच के आईपीएस अफसर हैं।
अस्थाना को सीबीआई के विशेष निदेशक के पद से हटाए जाने के अगले दिन 18 जनवरी को बीसीएएस की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस पद पर अस्थाना की नियुक्ति दो साल के लिए की गई है।
सीबीआई में रिश्वतखोरी मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने बीते साल 23 अक्तूबर को पूर्व डायरेक्टर आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया था। वहीं अस्थाना के खिलाफ सीबीआई ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में घूस लेने के आरोप में केस भी दर्ज किया था। जिसके बाद अस्थाना ने आलोक वर्मा पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए थे।