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IPS Anurag: आईपीएस अधिकारी अनुराग त्रिपुरा के डीजीपी नियुक्त, नीरव मोदी केस में CBI जांच का किया था नेतृत्व

Sun, 18 May 2025 01:05 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग को त्रिपुरा का डीजीपी नियुक्त किया गया है। उन्हें त्रिपुरा और केंद्र सरकार में काम करने का लंबा अनुभव है। अनुराग 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में शामिल भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ सीबीआई जांच का नेतृत्व भी कर चुके हैं। 
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IPS अधिकारी अनुराग - फोटो : एक्स@SPKhowai
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विस्तार
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वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग को शनिवार को त्रिपुरा का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया है। अनुराग 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। इससे पहले, अनुराग त्रिपुरा में पुलिस महानिदेशक (खुफिया विभाग) के पद पर कार्यरत थे। अनुराग ने 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में शामिल भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ सीबीआई जांच का नेतृत्व किया था। 

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राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि राज्यपाल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के परामर्श से अनुराग को तत्काल प्रभाव से त्रिपुरा के डीजीपी पद पर नियुक्त किया है। अधिकारियों के अनुसार, डीजीपी बनने के बाद अनुराग ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से मुलाकात की।

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सीबीआई में कई महत्वपूर्ण पदों पर कर चुके काम 
IPS अधिकारी अनुराग को त्रिपुरा और केंद्र सरकार में काम करने का लंबा अनुभव है। वह सीबीआई में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी काम कर चुके हैं। इनमें पुलिस अधीक्षक (SP), उप महानिरीक्षक (DIG), संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक जैसे पद शामिल हैं। अनुराग ने सीबीआई के बैंकिंग सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड सेल (बीएस एंड एफसी) के संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक के रूप में प्रभारी रहते हुए नीरव मोदी से जुड़े मामले सहित कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच की निगरानी की। 55 वर्षीय मोदी 19 मार्च, 2019 से ब्रिटेन की जेल में बंद हैं। उस पर घोटाले की कुल राशि में से 6,498.20 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है।



केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए, अनुराग ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में महानिरीक्षक (कार्मिक) के रूप में भी काम किया। अनुराग ने उस्मानिया विश्वविद्यालय से पुलिस प्रबंधन में मास्टर डिग्री और हैदराबाद के NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से साइबर अपराध में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। वे अमेरिका की संस्था एसोसिएशन ऑफ सर्टिफाइड फ्रॉड एग्जामिनर्स (ACFE) से प्रमाणित धोखाधड़ी परीक्षक हैं। 
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1995 से 2003 तक त्रिपुरा में सेवा देने का बड़ा अनुभव
एक बयान के अनुसार, अनुराग को 1995 से 2003 तक त्रिपुरा में सेवा देने का बड़ा अनुभव है। वे पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा और सहायक महानिरीक्षक (मुख्यालय) के अलावा लोंगथराई घाटी के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी और अविभाजित पश्चिम और दक्षिण त्रिपुरा जिलों के जिला एसपी के रूप में कार्य कर चुके हैं। 2003 से 2004 तक, उन्होंने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवा की। 2005 से 2013 के बीच, वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे और सीबीआई में एसपी और डीआईजी के रूप में कार्य किया। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने पर, अनुराग ने 2013 से 2016 तक त्रिपुरा के आईजीपी (कानून और व्यवस्था) के रूप में कार्य किया।

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