शहरी मामलों के जानकार जगदीश ममगाई ने कहा है कि क्रिकेट की एक टीम के साथ न्यूनतम 50 लोग रहते हैं। दोनों टीमों को मिलाकर न्यूनतम सौ लोग होटल से लेकर स्टेडियम तक आएंगे-जाएंगे। इस दौरान स्टेडियम के आसपास सिक्योरिटी का भी इंतजाम रहेगा। आईपीएल देखने के लिए इस बार जनता को अनुमति नहीं दी गई है, लेकिन जिस प्रकार से दिल्ली में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, यह खिलाड़ियों के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जब शादी-विवाह और अंतिम क्रिया तक में 50 और 20 लोगों से ज्यादा लोगों को भाग लेने की अनुमति नहीं है तो आईपीएल के नाम पर सैकड़ों लोगों को एक जगह एकत्र होने की अनुमति देना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
बायो-बबल में सुरक्षित हैं खिलाड़ी
अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम से जुड़े एक प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार क्रिकेट खिलाड़ियों के अलावा उनके साथ रहने वाली पूरी टीम होटल के कमरों से लेकर स्टेडियम आने तक हमेशा बायो-बबल में रहते हैं। यह व्यवस्था आईपीएल की शुरुआत से लेकर अंत तक बनी रहेगी। इसलिए उन्हें या उनके संपर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को कोरोना होने की कोई संभावना नहीं है।
अधिकारी ने बताया कि यह एक विशेष तरह का सुरक्षा चक्र होता है, जिसके अंदर केवल खिलाड़ी, कोच, मेडिकल या अन्य सपोर्टिंग स्टाफ रहते हैं। इसमें शामिल होने के लिए किसी भी स्टाफ को एक हफ्ते के पूर्व आइसोलेट कर दिया जाता है। इसके बाद उनकी कोरोना जांच भी नेगेटिव होनी चाहिए।
एक अर्थ में कह सकते हैं कि क्रिकेट खिलाड़ियों को खेल में शामिल होने से पहले बिलकुल अलग-थलग रखकर उन्हें कोरोना होने की किसी भी आशंका को पूरी तरह खारिज कर दिया जाता है। इसके बाद पूरे खेल अवधि के दौरान वे इससे बाहर नहीं निकल सकते हैं। इससे खिलाड़ियों और अन्य स्टाफ का बाहरी दुनिया से संपर्क कट जाता है जिससे किसी अन्य खिलाड़ी को भी कोरोना होने की संभावना नहीं रह जाती। इस बायो बबल या एको-बबल के बाहर जाने पर कड़ा दंड भी दिया जाता है।
दिल्ली में होने हैं आठ मैच
दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल के आठ मैच खेले जाएंगे। आईपीएल (IPL) का पहला मैच 28 अप्रैल को चेन्नई और हैदराबाद की टीमों के बीच खेला जाएगा। इसके बाद 29 अप्रैल, 01 मई, 02 मई, 04 मई, 05 मई, 07 मई और 08 मई 2021 को खेला जाएगा।