आठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2022 को पिछले वर्षों की तरह व्यापक रूप से मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी सरपंचों को पत्र लिखा। प्रधानमंत्री ने उन्हें, ग्रामीणों को योग के लिए प्रेरित करने का आह्वाहन किया है।
यह पत्र पंचायती राज मंत्रालय को भेज दिया गया है। देश में करीब ढाई लाख ग्राम पंचायतें हैं। अब पंचायती राज मंत्रालय विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेज रहा है, जिसके बाद प्रधानमंत्री का पत्र प्रत्येक ग्राम पंचायत के सरपंच के पास पहुंचाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा, "सरपंच जी, आशा है आप और आपके क्षेत्र के हमारे सभी भाई-बहन स्वस्थ एवं कुशल से होंगे। देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की आहट है और हमारे सभी किसान भाई-बहन खेती की तैयारियों में लगे होंगे। मैं अच्छे मानसून की कामना के साथ आपके माध्यम से प्रत्येक अन्नदाता को प्रणाम करता हूं।"
पत्र में आगे लिखा गया है, "कुछ ही दिनों बाद 21 जून को आठवां 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' आने वाला है। हम सबने देखा है कि किस प्रकार दुनियाभर के देश इस दिवस को उत्साह के साथ मनाते हैं। गत वर्षों में विश्व के कोने-कोने से, धरती से लेकर आसमान तक, हिमालय से लेकर समुद्र तक, योग की ऐसी-ऐसी तस्वीरें आईं, जो भारतवासियों को गौरवान्वित करने वाली रही हैं।"
उन्होंने आगे लिखा, 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना को मजबूती देते हुए योग पूरी मानवता को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। इस बार योग दिवस की थीम भी 'मानवता के लिए योग' है। कोरोना महामारी ने सभी को एहसास कराया है कि हमारे जीवन में स्वास्थ्य का कितना अधिक महत्व है और योग इसमें कितना बड़ा माध्यम है।
आठवें योग दिवस को बनाएं खास
प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा, "हमारे देश में इस बार 'अमृत महोत्सव' के तहत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन होगा। इस अवसर पर कई संगठन और देशवासी अपने-अपने स्तर पर अपने-अपने क्षेत्रों में, कुछ-न-कुछ नया और विशेष करने की तैयारी कर रहे हैं। मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि इस बार आप भी अपने गांव के सभी लोगों को अभी से योग के लिए प्रेरित करें।"
"योग दिवस के लिए आप अपने क्षेत्र के किसी प्राचीन या पर्यटन स्थल, नदी- झील या तालाब के किनारे को चिह्नित कर सकते हैं। ऐसी जगह का चयन करें, जहां पर सभी लोग इकट्ठे होकर योग कर सकें। आप अपने यहां के आयोजन से जुड़ी तस्वीरों को भी जरूर साझा करें ताकि और अन्य लोग भी इससे प्रेरणा लेकर योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए आगे आएं।"
पत्र में लिखा है, "अभी कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने गांव, गरीब और देश की सेवा में अपने आठ वर्ष पूरे किए हैं। गत आठ वर्षों में देश ने ग्राम स्वराज और पंचायती लोकतन्त्र की दिशा में नए लक्ष्यों को प्राप्त किया है। इस यात्रा में योगदान देने के लिए आपका और हर एक गांववासी का अभिनंदन करता हूं।"
उन्होंने आगे लिखा, "हाल में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत की आशा बहनों को सम्मानित किया है। ये आपके गांव के लिए भी गर्व की बात है। इस पत्र के माध्यम से मैं आपके गांव में कार्यरत सभी आशा- आंगनबाड़ी और एएनएम बहनों को भी अपनी शुभकामनाएं भेज रहा हूं।"
मोदी ने आगे लिखा, "मेरा आपसे एक और अनुरोध है। योग दिवस मनाने के साथ-साथ हमें जल संरक्षण की दिशा में भी गांव के स्तर पर सामूहिक प्रयास जारी रखने हैं। हमें पानी बचाने के साथ-साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे उपायों से गांवों के तालाब, पोखर, कुंड के जरिए वर्षा जल को संरक्षित करना है। इसी उद्देश्य के साथ देश ने आजादी के अमृतकाल में हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाने का संकल्प लिया है।"
प्रधानमंंत्री ने कहा कि इन सब जिम्मेदारियों के बीच हम स्वच्छ भारत अभियान को भी नहीं भूल सकते हैं। 'स्वच्छ भारत अभियान' की निरंतरता को बनाए रखने के लिए आपकी पंचायत और सभी ग्रामवासियों को पूरी गंभीरता से काम करना है।