भारतीय सेना के इंजीनियर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने कहा, "रक्षा बल हमेशा रेगिस्तान और बंजर क्षेत्रों को हरा-भरा करने में सबसे आगे रहे हैं, सतत विकास का खास महत्व है।"
पर्यावरण की रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बीच एक शीर्ष सैन्य अधिकारी ने कहा कि भविष्य की रक्षा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट) को इन उपायों के साथ जोड़ा जाना चाहिए और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के साथ-साथ उर्जा स्त्रोतों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
भारतीय सेना के इंजीनियर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने कहा, "रक्षा बल हमेशा रेगिस्तान और बंजर क्षेत्रों को हरा-भरा करने में सबसे आगे रहे हैं, सतत विकास का खास महत्व है और पर्यावरण को संबोधित करने के लिए बुनियादी रक्षा ढांचे के विकास को उसी के अनुसार संरेखित किया जाना चाहिए।"
लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह शुक्रवार को ग्रुप ए मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज के अधिकारियों के विदाई समारोह में बोल रहे थे।
हाल ही में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार द्वारा पर्यावरण की रक्षा के लिए कई उपाय किए गए हैं, जलवायु परिवर्तन में देश की भूमिका नगण्य होने के बावजूद भारत के प्रयास बहुआयामी रहे हैं।
विज्ञापन
लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल ने कहा, "हमारे सुरक्षा बलों के आधुनिकीकरण की बढ़ी हुई गति और नए उपकरणों को शामिल करने के मद्दनेजर गुणवत्ता बुनियादी सुविधाओं की समय पर डिलीवरी रक्षा बलों की एक स्पष्ट महत्वपूर्ण आवश्यकता है।"