छत्तीसगढ़ के एक मुस्लिम युवक ने हिंदू धर्म अपनाकर शादी की थी। हाईकोर्ट ने इस जोड़े को साथ रहने की इजाजत दी। जिसके बाद युवती के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि यह शादी फर्जी है और यह एक रैकेट का हिस्सा है। युवती के परिजनों का दावा है कि युवक ने हिंदू धर्म अपनाकर शादी की, लेकिन बाद में वह फिर मुस्लिम बन गया।
पिछले वर्ष भी यह मामला सुप्रीम कोर्ट आया था। तब तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ ने लड़की की इच्छा को देखते हुए उसे माता-पिता के साथ रहने की इजाजत दी थी। मां-बाप के साथ रहने के दौरान पुलिस उसके घर पहुंची और युवती को साथ ले गई। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट में युवती ने कहा कि वह पति के साथ रहना चाहती है, जिसके बाद हाईकोर्ट ने उसे पति के साथ रहने की इजाजत दे दी।