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कोविड-19 : आईएनएसएसीओजी ने कहा- भारत में कोरोना ‘ब्रेकथ्रू’ संक्रमण मामले अपेक्षित संख्या के भीतर

Thu, 02 Sep 2021 04:08 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, नई दिल्ली

सार

  • आईएनएसएसीओजी ने कहा कि डेल्टा भारत और विश्व स्तर पर बना हुआ है कोरोना का सबसे घातक स्वरूप 
  • डेल्टा संक्रमण के खिलाफ कोविशील्ड/कोवैक्सीन की प्रभावशीलता में दिख रही कमी से अपेक्षित संख्या के भीतर है
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डेल्टा वैरिएंट - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारतीय सार्स कोव-2 जिनोमिकी संघ (आईएनएसएसीओजी) ने कहा कि भारत में दर्ज किए गए कोरोना संक्रमण के ‘ब्रेकथ्रू’ मामलों की संख्या कुल संक्रमणों की अपेक्षित संख्या के भीतर है और टीकाकरण गंभीर बीमारी से बचाता है। आईएनएसएसीओजी ने अपने हालिया बुलेटिन में कहा कि डेल्टा भारत और विश्व स्तर पर कोरोना का सबसे घातक स्वरूप बना हुआ है।

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जब किसी व्यक्ति को इसका टीका लगवाने के बाद भी संक्रमण हो जाता है, तो इसे ‘ब्रेकथ्रू’ का मामला कहा जाता है। आईएनएसएसीओजी ने बताया, भारत में हुआ टीकाकरण ब्रेकथ्रू मामलों की संख्या, टीकाकरण की गई आबादी की संख्या और डेल्टा संक्रमण के खिलाफ कोविशील्ड/कोवैक्सीन की प्रभावशीलता में दिख रही कमी से अपेक्षित संख्या के भीतर है। ऐसे में टीकाकरण इस गंभीर बीमारी से रक्षा करने में प्रभावी है और सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति की आधारशिला भी हैं।

भारत में नहीं दिखा डेल्टा प्लस एवाई-12 वैरिएंट
आईएनएसएसीओजी ने कहा कि डेल्टा प्लस एवाई-12 वैरिएंट, जो पहली बार इस्राइल में सामने आया था, अभी तक भारत में नहीं देखा गया है। यह वायरस दक्षिण अफ्रीका और विश्व स्तर पर कई अन्य देशों में पाया गया है और इससे टीकाकरण की मदद बचाव किया जा सकता है।

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