संक्रमित होते हुए भी निगेटिव रिपोर्ट संभव
इंसाकॉग के अनुसार, कोविड रोगियों की पहचान के लिए एस-जीन ड्रॉप आउट जांच फॉल्स निगेटिव यानी गलत रिपोर्ट दे सकती है। संक्रमित होते हुए भी रिपोर्ट निगेटिव आ सकती है। ओमिक्रॉन की तरह एस-जीन ड्रॉप-आउट भी एक अनुवांशिक बदलाव है। इसलिए आरटी-पीसीआर जांच को ही ओमिक्रॉन और इसकी वंशावली के सभी स्वरूपों की पहचान के लिए उपयुक्त बताया गया है।
आगे क्या...और बढ़ेगा संक्रमण
- दावा किया गया कि आने वाले दिनों में भारत में ओमिक्रॉन के मामले विदेशी यात्रियों के बजाय अंदरूनी संक्रमण की वजह से और तेजी से बढ़ेंगे।
- लगातार बदलते हालात को देख इंसाकॉग ने बताया कि सैंपल लेने और जीन सीक्वेंसिंग के लिए नई रणनीति बनाई जा रही है। इससे बेहतर जीनोमिक निगरानी होगी।
- फिर याद दिलाया गया है कि कोविड अनुरूप व्यवहार ही इस महामारी के खिलाफ सबसे बड़ा अस्त्र है।
आईएचयू का कोई केस नहीं
आईएचयू नामक एक अन्य स्वरूप बी.1.640.2 का भारत में कोई केस नहीं मिला है। इसलिए इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न यानी चिंता बढ़ाने वाले स्वरूप की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
बीए.2 भी कई मामलों में मिला
इंसाकॉग के अनुसार, भारत में ओमिक्रॉन स्वरूप की वंशावली से निकला ओमिक्रॉन बीए.2 स्वरूप भी बड़ी संख्या में मिल रहा है। इसे ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट कहा जाता है। इसमें भी लोगों को तेजी से संक्रमित करने की क्षमता है।
उपराष्ट्रपति भी संक्रमित
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू कोरोना संक्रमित हैं। नायडू अभी हैदराबाद में हैं, जहां वह एक सप्ताह तक सेल्फ आइसोलेशन में रहेंगे। उन्होंने संपर्क में आने वाले लोगों को आइसोलेट होने और जांच कराने की सलाह दी है।
- संसद भवन परिसर में कुल 875 संक्रमित हैं। राज्यसभा सचिवालय में 271 लोग पॉजिटिव मिले हैं।