आईएनएस सुनयना वार्षिक प्रशिक्षण अभ्यास ‘ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस ऑफ कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज’ (सीएमएफ) में भाग लेने के लिए पोर्ट विक्टोरिया सेशेल्स पहुंच चुकी है। यह न केवल हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है, बल्कि सीएमएफ अभ्यास में भारतीय नौसेना के जहाज की पहली भागीदारी को भी दर्शाता है। बता दें कि भारतीय नौसेना पहली बार संयुक्त समुद्री बल में भाग ले रही है।
जहाज, सीएमएफ द्वारा आयोजित क्षमता निर्माण अभ्यास में सहयोगी भागीदार के रूप में भाग लेगा। संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास में संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा तथा न्यूजीलैंड के प्रतिनिधिमंडल और यूके, स्पेन तथा भारत के जहाज भाग लेंगे। जहाज के पोर्ट कॉल के दौरान, भाग लेने वाले देशों के साथ पेशेवर स्तर पर बातचीत की योजना तैयार की गई है।
भारत और यूएई के नौसेना प्रमुख के बीच मुलाकात
संयुक्त अरब अमीरात वायु सेना और वायु रक्षा के कमांडर मेजर जनरल इब्राहिम नासिर मोहम्मद अल अलावी ने आज एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी से मुलाकात की। दोनों प्रमुखों ने मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के तरीकों और साधनों पर चर्चा की। भारतीय वायु सेना ने इसकी जानकारी दी।
पहली बार गैबन के बंदरगाह पहुंचा भारतीय नौसैनिक पोत
समुद्री डकैती रोधी (एंटी-पायरेसी) गश्त के तहत गुएना की खड़ी में की जा रही तैनाती के तहत भारतीय नौसना का पोत ‘आईएनएस तरकश’ अफ्रीकी देश गैबन के तट पर पहुंचा। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को यहां बयान जारी करके यह जानकारी दी और कहा कि भारतीय नौसैनिक पोत के गैबन पहुंचने का यह पहला मामला है।
यह पोत गैबन के बंदरगाह ‘पोर्ट जेंटिल’ में ठहरा है। बयान में कहा गया है कि गैबन के बंदगराह पर ठहराव के दौरान पोत के चालक दल के सदस्य आधिकारिक और पेशेवर मेलजोल के साथ-साथ खेल कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मंत्रालय ने कहा कि पेशेवर बातचीत के तहत चर्चा, आग बुझाने और क्षति नियंत्रण का अभ्यास, चिकित्सा और हताहतों की निकासी का मुद्दा और गोताखोरी संचालन शामिल होगा। अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा सामाजिक मेलजोल की भी योजना है। पोत आगंतुकों के लिए भी खुला रहेगा।