ईरान में हिजाब के खिलाफ शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच, सामने आया है कि हिजाब के खिलाफ प्रदर्शनों में महिलाओं की अगुवाई करने वाली 20 साल की लड़की हदीस नफाजी की हत्या कर दी गई है। नफाजी की मौत से जुड़े कई पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, नफाजी को उस समय गोली मारी गई जब वे राजधानी तेहरान के पास के शहर कराज में विरोध प्रदर्शन कर रही थीं।
उनका एक वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है, इसमें वह प्रदर्शन के दौरान बिना हिजाब के ईरान की मॉरल पुलिसकर्मियों के सामने रबर बैंड से अपने बालों को बांधते दिख रही हैं। शनिवार को कराज में मॉरल पुलिस ने छह गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी थी। उनकी मौत के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक करने के समय का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उनकी कब्र के पास लोग उनकी फोटो पर रोते दिख रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके दिल, पेट, गर्दन और हाथ में गोली लगी थी।
41 से ज्यादा लोगों की मौत
गौरतलब है कि ईरान में हिजाब विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा, बल्कि यह बढ़ता जा रहा है। मॉरल पुलिस द्वारा हिरासत में ली गई महसा अमीनी की मौत के बाद से शुरू हुआ आंदोलन उग्र रूप ले चुका है। ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शनों में 41 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। अब तक 700 से ज्यादा गिरफ्तार किए गए हैं।
ईरान की मॉरल पुलिस निशाने पर
उधर, 22 साल की महसा अमीनी की मॉरल पुलिस की हिरासत में मौत का दुनियाभर में विरोध हो रहा है। सैकड़ों ईरानी महिलाएं सड़क पर उतरकर सरेआम अपने बाल काटकर अनूठे ढंग से सरकार की अनिवार्य हिजाब नीति का विरोध कर रही हैं। अमीनी अपने परिवार के साथ कार से कहीं जा रही थी, इसी दौरान उनकी कार का रोकर अंदर बैठी महसा व अन्य महिलाओं के हिजाब की जांच की गई। महसा को ठीक ढंग से हिजाब नहीं पहनने के चलते हिरासत में ले लिया गया था। इसके बाद उसकी कथित तौर पर पुलिस मारपीट से मौत हो गई। हालांकि, ईरान की मॉरल पुलिस का दावा है कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई। इसे दुनियाभर में ईरान की निंदा हो रही है।
फ्रांस में भी प्रदर्शन, लंदन में गिरफ्तारियां
उधर, ईरान में हिजाब अनिवार्य किए जाने के विरोध में फ्रांस की राजधानी पेरिस में भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पुलिस व प्रर्दशनकारियों के बीच झड़प हो गई। पुलिस को पेरिस स्थित ईरान दूतावास की ओर बढ़ रहे सैकड़ों लोगों को रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। दंगा विरोधी बल ने स्थिति नियंत्रित की। इस बीच, लंदन में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया, उग्र लोग ईरानी दूतावास की ओर बढ़ रहे थे।