भारतीय नौसेना के विध्वंसक आईएनएस रणवीर में मंगलवार को हुए विस्फोट में छपरा के वीर अरविन्द कुमार सिंह (38) शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि जवान मढौरा (गौरा ओपी) के सिसवां गांव के रहने वाले थे। इस विस्फोट में अन्य दो जवानों की मौत हो गई और 11 घायल हो गए। शहीद के शहादत के खबर से पूरे गांव में मातम छा गया।
19 साल से नवसेना में कार्यरत
शहीद जवान अरविन्द कुमार सिंह, सिसवा रसूलपुर निवासी महात्मा सिंह के बड़े बेटे थे। वह 2003 में इंडियन नेवी में भर्ती हुए थे। 2007 में उनकी शादी नीलू सिंह से हुई थी। उन्हें एक लड़का दिव्यांक कुमार (7) और दो लड़की दीपिका कुमारी (10), मोनाली कुमारी (5) है। जो उनके साथ ही रहते हैं। फिलहाल उनकी पोस्टिंग विशाखापत्तनम में थी और वह मुंबई में नौसेना के डॉकयार्ड पर युद्धपोत पर युद्धाभ्यास के लिए गए थे। जहां युद्धाभ्यास से लौटते वक्त उसमें ब्लास्ट हो गया।
दो अन्य जवान भी शहीद
भारतीय नौसेना ने बुधवार को एक बयान में मृतकों की पहचान मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर (एमसीपीओ), कृष्ण कुमार, एमसीपीओ सुरिंदर कुमार और एमसीपीओ एके सिंह के रूप में की।
नौसेना ने दी साथियों की श्रद्धांजलि
नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और भारतीय नौसेना के सभी कर्मियों ने तीनों लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए कहा, "हम इस कठिन समय में तीनों परिवारों के साथ खड़े हैं।"
आईएनएस रणवीर क्रॉस-कोस्ट ऑपरेशन पर था तैनात
अधिकारियों ने बताया कि, आईएनएस रणवीर नवंबर 2021 से विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान से एक क्रॉस-कोस्ट ऑपरेशनल तैनाती पर था और अपने बेस पोर्ट पर लौटने वाला था। 30 अधिकारियों और 310 नाविकों के दल द्वारा संचालित, आईएनएस रणवीर को अप्रैल 1986 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
कैसे हुआ विस्फोट
घटना मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में हुई। जिसके बाद नौसेना ने दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए एक बोर्ड ऑफ इंक्वायरी का गठन किया है। जांच में अभी तक मालूम चला कि विस्फोट जहाज के एयर कंडीशनिंग डिब्बे में हुआ जहां फ्रिऑन गैस के रिसाव की खबर मिली है। अधिकारियों ने कहा कि मारे गए तीन लोग मंगलवार शाम को विस्फोट के समय बगल के डिब्बे में थे।
गांव लाया जाएगा पार्थिव शरीर
शहीद जवान अरविंद सिंह के गांव में शोक का माहौल है। पिछले माह ही जवान 7 दिसम्बर को पंचायत चुनाव के समय अपने घर आए थे। परिजनों ने बताया कि अरविंद 12 दिसम्बर को वापस अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे। बुधवार को हुई ब्लास्ट में शहीद होने की खबर परिजनों पर दुख का पहाड़ ले कर आया। फिलहाल उनकी पत्नी और उनके बच्चे पटना एयरपोर्ट पर आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि, शहीद का पार्थिव शरीर आज गांव लाया जाएगा।