पुलिस ने बताया कि बच्चे के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों को उसके अंदर फंसे होने का पता चला। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया कि नवजात इस बोरवेल के अंदर कैसे फंस गया। लोगों का मानना है कि कोई बच्चे को बोरवेल के अंदर फेंककर चला गया होगा।
ओडिशा के संबलपुर में एक बोरवले में मंगलवार को एक नवजात फंस गया। इसके बाद उसे बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। आठ घंटों की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
विज्ञापन
पुलिस ने बताया कि रंगाली क्षेत्र के लारीपाली गांव में यह बोरवेल करीब 15-20 फुट गहरा है। इसमें ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। नवजात बच्चे का कोई परिजन फिलहाल सामने नहीं आया है। उसे बाहर निकालने के लिए बोरवेल के बगल में एक और गड्ढा किया गया, जिसके बाद उसे बाहर निकाला जा सका।
विशेष राहत आयुक्त ने कही यह बात
राज्य के विशेष राहत आयुक्त ने रंगाली से अग्निशनम कर्मियों और झारसागुडा से ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की एक टीम को बचाव अभियान के लिए मौके पर भेजा। ओडिशा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक ज्ञानरंजन दास ने बताया कि कटक के मंडाली से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की एक टीम भी बोरवेल वाले स्थान पहुंची।
विज्ञापन
बोरवेल के अंदर फेंके जाने का शक
पुलिस ने बताया कि बच्चे के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों को उसके अंदर फंसे होने का पता चला। उपयोग में नहीं लाया जा रहा यह बोरवेल गांव के पास वन में है। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया कि नवजात इस बोरवेल के अंदर कैसे फंस गया। लोगों का मानना है कि कोई बच्चे को बोरवेल के अंदर फेंककर चला गया होगा।