आरएसएस के प्रमुख नेता इंद्रेश कुमार ने योग दिवस पर 'ओम' की अनिवार्यता को लेकर देवबंद के मौलाना के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हर कोई स्वतंत्र है जिस धर्म को जो अच्छा लगे वो शब्द बोलें, लेकिन नफरतवादी सोच नहीं होनी चाहिए। इससे दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ता है। इंद्रेश ने खुशहाल भारत बनाने का संकल्प दोहराया।
आरएसएस नेता बुधवार को स्टेडियम में आयोजित योग कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इंद्रेश ने कहा कि योग बुद्धि-मन को स्वस्थ्य और सशक्त बनाने की औषधि है, क्योंकि योग का अनुसंधान भारत की धरती पर हुआ।
योग दिवस पर 'ओम' की अनिवार्यता पर उन्होंने देवबंद के मौलाना के बयान को निंदनीय करार दिया। कहा कि हर कोई स्वतंत्र है, जिस धर्म के लोगों को जो अच्छा लगे, वह बोले। नफरतवादी सोच नहीं होनी चाहिए। ऐसे बयानों से दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ता है। हर जाति और धर्म का सम्मान करना चाहिए। मुसलिम राष्ट्रीय मंच के 326 जिलों में कार्यक्रम हो रहे हैं, जिसमें देश ही नहीं दुनियाभर के मुसलमान संपर्क कर रहे हैं।
इंद्रेश ने कहा कि दंगे-फसादों से किसी का भला नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि याकूब, अफजल और इशरत जहां मुसलिमों के आदर्श नहीं हो सकते। मुसलिमों के आदर्श मौलाना आजाद, अशफाक उल्ला खां और डॉ एपीजे अदुब्ल कलाम होने चाहिए। इंद्रेश ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने सत्ता की खातिर गांधीजी को झुकाया, जिसके चलते देश का विभाजन हुआ। योग शिविर में हजारों छात्र और युवाओं ने गंदगी साफ करने का संकल्प लिया है।