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नागरिकता कानून पर सुनवाई के लिए SC तैयार, जामिया पर कहा- पहले हिंसा रोको

Mon, 16 Dec 2019 06:20 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media
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उच्चतम न्यायालय उन याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है जिनमें नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई के आरोप लगाए गए हैं।

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उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुई घटना का मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसएस बोबडे के सामने उल्लेख किया। जयसिंह ने अदालत ने कहा कि उन्हें इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश में हो रहे गंभीर मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अगुवाई वाली एक पीठ ने कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और उपद्रव पर भी सोमवार को सख्त रुख अपनाया और कहा कि यह सब फौरन बंद होना चाहिए।
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वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह और कोलिन गोंजाल्विस के नेतृत्व में वकीलों के एक समूह ने मामले को अदालत के समक्ष उठाया और कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर की गई कथित हिंसा का स्वत: संज्ञान लेने की अपील की।पीठ ने कहा, 'हम बस इतना चाहते हैं कि हिंसा बंद हो जानी चाहिए।'

साथ ही पीठ ने कहा, 'अगर प्रदर्शन एवं हिंसा हुई और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया तो हम इस मामले को नहीं सुनेंगे।' इस पीठ में न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी शामिल थे। पीठ ने वकीलों से उनकी याचिकाएं दायर करने को कहा। साथ ही पीठ ने कहा कि वह कल इन मामलों पर सुनवाई करेगी।

नागरिकता कानून पर सुनवाई के लिए तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली कांग्रेस और त्रिपुरा के पूर्व महाराज कीर्ती प्रद्योत देब बर्मन की याचिकाओं पर वह 18 दिसबंर को सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि वह अन्य लंबित याचिकाओं के साथ इन याचिकाओं पर 18 दिसंबर को सुनवाई करेगा। 

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दोनों याचिकाओं को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अपील करते हुए कहा कि इन पर इस संबंध में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) द्वारा दायर याचिका के साथ ही सुनवाई की जाए, जिसपर बुधवार को सुनवाई होनी है।
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