एयरलाइन कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा यात्रियों को परेशान करने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। ताजा मामला इंडिगो एयरलाइन से जुड़ा हुआ है। एक यात्री ने इंडिगो पर आरोप लगाया है कि एयरलाइन के कर्मचारियों ने उनके साथ इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बदसलूकी की गई। अमर उजाला ने पीड़ित यात्री राजकुमार जैन से बात की। बातचीत के दौरान उन्होंने विस्तार से पूरा घटनाक्रम बताया कि उनके साथ क्या-क्या हुआ?
क्या था पूरा घटनाक्रम?
इंदौर के रहने वाले 56 वर्षीय राजकुमार जैन ने बताया कि 11 जून को वह एक ही PNR नंबर से QWUJXW से बुक की गई टिकट पर चंडीगढ़ से इंदौर की यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनके पास लैपटॉप बैग और एक केबिन बैग (छोटा ब्रीफकेस साइज का ट्रॉली बैग) था। इसे वह चंडीगढ़ से अपने साथ लेकर हवाई जहाज में सवार हुए थे। दिल्ली में वह इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे और इंदौर वाली फ्लाइट के लिए बोर्डिंग गेट नंबर 30 पर पहुंच गए। फ्लाइट के लिए जब वह बस में चढ़ने जा रहे थे, उस वक्त ग्राउंड स्टाफ ने उनके साथ बदसलूकी की।
पीड़ित यात्री ने लगाया यह आरोप
राजकुमार जैन ने बताया कि ग्राउंड स्टाफ ने उन्हें लैपटॉप बैग के अलावा दूसरा बैग साथ ले जाने से रोक दिया। पहले उन्हें फ्लाइट में एक बैग की पॉलिसी का हवाला दिया गया। जब उन्होंने बताया कि लैपटॉप बैग के अलावा दूसरा बैग का वजन सात किलो से कम है तो दोनों बैग साथ ले जा सकते हैं। इसके बाद इंडिगो के ग्राउंड स्टाफ ने कहा कि प्लेन पहले से ही फुल हो चुका है। ऐसे में उन्हें बैग छोड़ना ही होगा। राजकुमार जैन का आरोप है कि उनसे बैग जबरन छीन लिया गया।
मुसाफिर बोले- जानबूझकर किया गया टारगेट
राजकुमार जैन ने बताया कि जब वह बस में पहुंचे तो अन्य मुसाफिर दो-तीन बैग के साथ नजर आए। वहीं, फ्लाइट के अंदर भी काफी जगह खाली थी, जिसकी उन्होंने तस्वीरें भी खींचीं। राजकुमार जैन ने आरोप लगाया कि इंडिगो के कर्मचारियों का व्यवहार बेहद खराब था। ऐसा लगा कि उन्हें जानबूझकर टारगेट किया गया।
पहले भी सामने आए हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। अभी हाल ही में इंडिगो एयरलाइंस ने सात मई को रांची एयरपोर्ट पर दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया था। बाद में इस मामले का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद डीजीसीए ने कार्रवाई की थी।