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असम: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पूछा- जब सब कुछ ठीक चल रहा, तो हमारे लोकतंत्र की आलोचना क्यों?

Thu, 04 May 2023 01:12 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे जीवंत लोकतंत्र है और इसकी छवि को किसी को भी दागदार या धूमिल नहीं होने दिया जा सकता। कुछ लोग यह झूठी कहानी फैलाकर देश के बाहर भारत की लोकतांत्रिक छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। 
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत दुनिया का सबसे जीवंत लोकतंत्र है और इसकी छवि को किसी को भी दागदार या धूमिल नहीं होने दिया जा सकता। कुछ लोग यह झूठी कहानी फैलाकर देश के बाहर भारत की लोकतांत्रिक छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को उनके अधिकार नहीं मिल रहे हैं। यह बात उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह में अपने संबोधन के दौरान कहीं। 

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'भारत आज की तारीख तक दुनिया का सबसे सजीव लोकतंत्र'
उन्होंने कहा, जब सब कुछ ठीक चल रहा है, तो कुछ लोग हमारे लोकतंत्र की आलोचना क्यों करें? देश के बाहर और अंदर भी बात करें कि क्या हमारे पास लोकतांत्रिक मूल्य नहीं हैं? मैं भरोसे के साथ और विरोधाभासों के डर के बिना यह कहने की हिम्मत करता हूं कि भारत आज की तारीख तक ग्रह पर सबसे सजीव लोकतंत्र है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वह इसके लिए एक रास्ता निकालें ताकि इस तरह के घातक और भयावह नैरेटिव को जड़ से उखाड़ कर फेंका जा सके। 
 

'राष्ट्रवाद में भरोसा करें छात्र, युवा और विद्वान'
उन्होंने छात्रों, युवाओं, बुद्धिजीवियों और मीडिया से अपील की कि वे देश के दूत के रूप में काम करें, राष्ट्रवाद में भरोसा करें और इस नैरेटिव को कम करें। उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसी कहानी है जिसका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और हम उन लोगों का समर्थन नहीं कर सकते जो देश के अंदर और बाहर हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों को धूमिल और कलंकित करते हैं। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि संसद वार्ता, चर्चा और बहस का स्थान है न कि व्यवधान और अशांति का स्थान। 
 

'विदेश में देश की निंदा भारत की संस्कृति नहीं'
धनखड़ ने दावा किया कि इस तरह की झूठी कहानियां अमेरिका सहित देश के बाहर के कुछ विश्वविद्यालयों से आ रही हैं, जहां कुछ भारतीय छात्र और शिक्षक अपने ही देश की आलोचना करते हैं।उन्होंने कहा, आपको कुछ ऐसे राजनेता मिल जाएंगे जो दुनिया भर में घूमेंगे और अपने देश की आलोचना करेंगे लेकिन यह भारत की संस्कृति नहीं है। हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जब विपक्ष में थे, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने उन्हें देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना था। यह हमारी संस्कृति है और हमें अपनी मातृभूमि में भरोसा करना होगा और अपने राष्ट्रवाद की सीमा को स्वीकार करना होगा।
 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर साधा निशाना
धनखड़ ने  किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन भाजपा के पूर्व नेता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा, जिन्होंने विदेश में भारत सरकार की आलोचना करते हुए कई आरोप लगाए थे। उन्होंने पूछा, हम एक राजनीतिक उपकरण के रूप में व्यवधान और गड़बड़ी को कैसे हथियार बना सकते हैं? हम इस पवित्र भूमि को प्रदूषित होने की अनुमति कैसे दे सकते हैं? 
 
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'भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था'
धनखड़ ने कहा कि अब समय आ गया है कि एक इको सिस्टम बनाया जाए ताकि सांसद संविधान की भावना और सार के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दे सकें। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है और अब निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य है। उन्होंने कहा, अब हम पांचवीं सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था हैं और वास्तव में गर्व की बात यह है कि हमने अपने पूर्ववर्ती औपनिवेशिक आकाओं को पीछे छोड़ दिया। हमें उम्मीद है कि हम मौजूदा दशक के अंत तक हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।

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