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Railways: अब सुपर एप बताएगा ट्रेन टिकट कंफर्म होगी या नहीं? 500 किमी. तक के सफर के लिए चिंता की कोई बात नहीं

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 05 Aug 2024 05:02 PM IST

सार

रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक, इस योजना को लागू करने के लिए रेलवे एक सुपर एप तैयार कर रहा है। आने वाले छह माह में यह एप काम करने लगेगा। इस एप में जैसे ही यात्री चयनित रुट्स पर सफर के लिए अपना विवरण डालेंगे, वैसे उन्हें ट्रेनों में कितनी सीट खाली और कितनी भरी हुई है। इसका पूरा डेट नजर आएगा। इसके बाद वे अपनी सीट चयन कर सकेंगे।
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Indian Railways - फोटो : Amar Ujala


रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक, इस योजना को लागू करने के लिए रेलवे एक सुपर एप तैयार कर रहा है। आने वाले छह माह में यह एप काम करने लगेगा। इस एप में जैसे ही यात्री चयनित रुट्स पर सफर के लिए अपना विवरण डालेंगे, वैसे उन्हें ट्रेनों में कितनी सीट खाली और कितनी भरी हुई है। इसका पूरा डेट नजर आएगा। इसके बाद वे अपनी सीट चयन कर सकेंगे।


रेलवे इन सभी चुनिंदा ट्रेक पर यात्रियों को कंफर्म सीट देने के लिए उक्त रुट्स पर चलने वाली मुख्य या पॉपुलर ट्रेनों के अलावा एक घंटे के अंतराल में दूसरी ट्रेन भी चलाएगा। ताकि इसमें भी यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल सके। इस ट्रेन के डिब्बे वेटिंग टिकट वालों की श्रेणी के आधार पर होंगे। अगर स्लीपर वेटिंग ज्यादा है, तो इस ट्रेन में उसी श्रेणी के डिब्बे लगाए जाएंगे। अगर यात्रियों के पास स्लीपर का टिकट है और ट्रेन में एसी के डिब्बे ज्यादा है, तो ऐसे में यात्री टिकट के किराए का अंतर भरकर सफर कर सकेंगे। 


इसी वर्ष जनवरी में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि, हम रेलवे के लिए सुपर एप बनाने जा रहे हैं, जिसमें रेलवे से जुड़ी जितनी भी सुविधाएं हैं। जैसे आपको देखना है कि कौन सी ट्रेन कहां से कहां जा रही है, टिकट लेना हो, रिजर्व या अनरिजर्व हो। रिजर्व हो तो आईआरसीटीसी का उपयोग करके और अनरिजर्व हो तो लाइन में लगना ना पड़े। इन्हीं सभी बातों को ध्यान में रखकर एक सुपर एप बनाने जा रहे हैं। इससे आपकी जिंदगी में रेलवे का एक नया एक्सपीरियंस हो।


2031 तक खत्म हो जाएगी वेटिंग की समस्या 

रेलवे के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शुरुआती दौर में पांच रुट्स कौन से होंगे,इस पर अभी मंत्रालय में मंथन चल रहा है। 500 किमी से कम दूरी वाले इन चुनिंदा रुट्स कंफर्म टिकट वाले यात्रियों के डाटा के साथ साथ वेटिंग टिकट का डाटा भी रेलवे ने जुटा लिया है। इस डाटा विश्लेषण से पता चलेगा कि इन रुट्स पर रोजाना कितने यात्री किस श्रेणी का आरक्षित टिकट लेते हैं। फिर भले ही वह कंफर्म हो या वेटिंग। वहीं, अभी देश में जितनी कंफर्म टिकट की मांग है, उतनी उपलब्धता अगले सात साल में तय कर ली जाएगी। यानी 2031 आते आते वेटिंग की समस्या खत्म हो जाएगी।


सुपर एप से होंगे ये सारे काम

सुपर एप पर पैसेंजर और माल ढुलाई कस्टमर्स को मिलेगा वन-स्टॉप सॉल्यूशन।एप खोलने पर कस्टमर्स को 2 ऑप्शन दिखेंगे - पैसेंजर और फ्रेट। यात्री अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प चुन सकते हैं। पैसेंजर्स को इसमें रिजर्व टिकट बुकिंग, अनरिजर्व टिकट बुकिंग, टूर पैकेज बुकिंग, धार्मिक ट्रेन बुकिंग, फ्लाइट बुकिंग, कैब और होटल बुकिंग की सर्विस मिलेगी। इसके अलावा ई-कैटरिंग, रिटायरिंग रूम और एक्जीक्यूटिव लाउंज की बुकिंग भी सुपर एप के जरिए की जा सकती है। वहीं, फ्रेट कस्टमर्स सुपरएप पर थोक आइटम बुकिंग, पार्सल बुकिंग, देश भर में किसी भी प्रकार की माल ढुलाई के लिए पंजीकरण और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए कर सकते हैं।

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