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रेलवे सुरक्षा: अब ट्रेन में सामान चोरी होने पर एप से कर सकेंगे FIR, नहीं काटने होंगे थाने के चक्कर

Fri, 25 Jun 2021 06:48 PM IST
Harendra Chaudhary राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कॉमन रेलवे सिक्योरिटी एप के जरिए यात्री चोरी हुए सामान या कोई घटना की सफर के दौरान ही ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करवा सकेंगे। इसके अलावा इस एप में मौका ए वारदात पर पीड़ित पक्ष के बयान और सहयात्रियों के बयान दर्ज करने की सुविधा भी होगी। यात्री भी ऑनलाइन ही रिपोर्ट दर्ज कर अपने घर जा सकेंगे...
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रेलवे स्टेशन - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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भारतीय रेलवे अब करोड़ों रेल यात्रियों की परेशानी को बहुत जल्द आसान करने जा रहा है। रेलवे की इस नई सुविधा के जरिए यात्री चलती ट्रेन में ही सामान चोरी और स्नैचिंग की वारदात होने की एफआईआर दर्ज करा सकेंगे। जल्द ही यात्री रेलवे द्वारा तैयार किए गए मोबाइल एप की सुविधा का फायदा उठा सकेंगे। जल्द ही एप को गूगल प्ले स्टोर और बाकी एप स्टोर पर डाला जाएगा, जिसके बाद यात्री उसे अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड कर सकेंगे।  

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आरपीएफ के महानिदेशक अरुण कुमार ने शुक्रवार दोपहर एक प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से एप बनाकर तैयार किया है। कोविड महामारी के कारण उसे लॉन्च नहीं किया जा सका है। जल्द ही इस एप को लांच किया जाएगा।

इस कॉमन रेलवे सिक्योरिटी एप के जरिए यात्री चोरी हुए सामान या कोई घटना की सफर के दौरान ही ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करवा सकेंगे। इसके अलावा इस एप में मौका ए वारदात पर पीड़ित पक्ष के बयान और सहयात्रियों के बयान दर्ज करने की सुविधा भी होगी। इसके आधार पर सुरक्षा बल अपनी आवश्यक कार्रवाई जल्द शुरू कर सकेंगे।
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उन्होंने आगे बताया कि एप के जरिए रिपोर्ट दर्ज होने के बाद यात्रियों को थाने के चक्कर नहीं काटना होंगे। वे ऑनलाइन ही रिपोर्ट दर्ज कर अपने घर जा सकेंगे। यात्री इस एप के जरिए हर दिन रिपोर्ट की अपडेट भी हासिल कर सकेंगे। यात्रियों की मदद के लिए ये मोबाइल एप रेलवे स्टाफ के अलावा आरपीएफ और जीआरपी के कर्मियों के पास भी होगा। ये लोग भी अपने मोबाइल से यात्रियों की ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कर सकेंगे।  

उन्होंने आगे कहा कि आरपीएफ के 'मेरी सहेली' प्रोजेक्ट को बल मिला है जिसमें अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों की आरक्षण चार्ट से पहचान करके ट्रेन में तैनात महिला कॉन्स्टेबल उनसे सीट पर जा कर संपर्क करती हैं और उन्हें अपना नंबर दे कर सुरक्षा का आश्वासन देती हैं।

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