रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने गुरुवार को बताया कि अप्रैल 2023 से निजी ट्रेनों का संचालन 12 क्लस्टरों में किया जाएगा। इनमें सर्वाधिक 13 रूट दिल्ली और प्रयागराज क्लस्टर के पास होंगे। दिल्ली को राजधानी और प्रयागराज को धार्मिक व पर्यटन केंद्र होने की वजह से 13 रूटों पर निजी ट्रेनें चलाई जाएंगी।
यादव ने बताया कि दिल्ली क्लस्टर-एक से सात और क्लस्टर-दो से छह रूटों पर निजी ट्रेनें चलेंगी। वहीं प्रयागराज क्लस्टर से 13 रूटों पर निजी ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा चंडीगढ़ और जयपुर क्लस्टर से 9-9 रूटों पर ये ट्रेनें दौड़ेंगी। पटना और हावड़ा क्लस्टर से दस-दस, मुंबई क्लस्टर-1 से 7 रूट पर और मुंबई क्लस्टर-2 से 11 रूट पर ट्रेन चलाई जाएंगी।
इसी तरह चेन्नई क्लस्टर से 12 रूट पर। बंगलूरू से 5 और सिकंदराबाद क्लस्टर से 10 रूट पर निजी ऑपरेटर ट्रेन चलाई जाएंगी। यादव ने बताया कि दिल्ली से मुंबई के बीच के सफर की रफ्तार बढ़ाने पर 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इन शहरों से चलेंगी निजी ट्रेनें
वीके यादव ने बताया, दिल्ली से न्यू ऋषिकेश, इंदौर, वाराणसी, दरभंगा, बडगाम, लखनऊ, साबरमती, उदयपुर, गुवाहाटी, बरौनी, पूना, काठगोदाम, जोधपुर, अमृतसर, चंडीगढ़ के लिए निजी ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा लखनऊ-कटरा, अमृतसर-फैजाबाद, हावड़ा-आनंद विहार, हावड़ा-वाराणसी, गया-आनंद विहार, प्रयागराज-मुंबई, प्रयागराज-अहमदाबाद, प्रयागराज-पुरी, कानपुर-नई दिल्ली, गोरखपुर-मुंबई, झांसी-मुंबई, प्रयागराज-बंगलूरू, अजमेर-मुंबई, जयपुर-मुंबई, दिल्ली-अजमेर, कोटा-अजमेर, दिल्ली-बंगलूरू के बीच निजी ट्रेनें दौड़ेंगी।
निजी रेल चलवाने की जल्दबाजी क्यों
निजीकरण के तहत ट्रेन चलवाने के फैसले पर संसद में कानून पास होना चाहिए था। सत्र बुलाकर बहस तो कराते क्योंकि रेल मंत्री ने संसद में कहा था निजीकरण नहीं करेंगे। आखिर कोरोना संकट में सरकार को निजी रेल चलवाने की इतनी जल्दी क्यों है। इस समय इसका फायदा निजी कंपनियों को मिलेगा। -अभिषेक मनु सिंघवी, प्रवक्ता, कांग्रेस