संसद के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन आखिरकार राज्यसभा में गतिरोध टूटा। इस बीच विपक्षी दलों की टोकाटोकी और शोर शराबे के बीच सदन की कार्यवाही चलती रही। सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि शून्यकाल में आप लोगों के सहयोग से 17 विषय उठाए गए और छह विशेष उल्लेख का प्रस्ताव रखने का मौका मिला। अगर ऐसे ही सदन में सहयोग बना रहा तो हम अच्छा काम कर सकेंगे। हालांकि सदन की शुरुआत में सभापति ने कहा कि सबको सन्मति दे भगवान।
सुबह सदन शुरू होने पर राजद सांसद मनोज झा ने अपनी बात रखनी चाही, जिस पर सभापति ने कहा कि आखिर मुद्दा क्या है। इस पर मनोज झा ने कहा कि मुझे तीस सेकेंड दे दें आपके खिलाफ कुछ नहीं है। उन्होंने गांधी प्रतिमा के नीचे बैठे निलंबित सदस्यों के खिलाफ भाजपा सदस्यों के विरोध मार्च की जानकारी दी। झा ने संसदीय मूल्यों का हवाला दिया। इस बीच दोनों ओर से शोरशराबा शुरू हो गया। जिस पर सभापति ने कहा कि सबको सन्मति दे भगवान। नायडू ने कहा कि ये शून्यकाल है। कुछ सदस्यों ने स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर नोटिस दिए हैं। ये बिजनेस का हिस्सा नहीं है। सभापति ने कहा कि वे किसी अन्य मुद्दे को नहीं उठाने देंगे।
राज्यसभा में 21 निजी विधेयक पेश
राज्यसभा में शुक्रवार को रिकॉर्ड काम हुआ। सभापति ने बताया शून्यकाल में 17 मामले और विशेष उल्लेख में 6 मुद्दे उठाए गए। इसके अलावा भोजनावकाश के बाद 21 निजी विधेयक राज्यसभा में पेश किए गए। उच्च सदन में भोजनावकाश के बाद शुरू हुई सदन की कार्यवाही में बीजू जनता दल के प्रसन्ना आचार्य ने पश्चिम ओडिशा में हाईकोर्ट की पीठ बनाने की मांग की। भाजपा के वाई एस चौधरी ने संविधान संशोधन विधेयक-2020 पेश किया। वाईएसआर कांग्रेस के वी विजय साई रेड्डी ने देश के सभी बच्चों को मुफ्त अनिवार्य शिक्षा का प्रस्ताव वाला विधेयक पेश किया।
रेड्डी ने इसके अलावा दो और निजी संशोधन विधेयक पेश किए। भाजपा के अल्फोंस के विधेयक पेश करने के दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक हुई। अल्फोंस ने संविधान (संशोधन) विधेयक -2021 (उद्देशिका का संशोधन) पेश किया, किंतु उनके विधेयक पेश करने के साथ ही राजद के सांसद मनोज झा ने इसे संविधान की प्रस्तावना का संशोधन बता कर आपत्ति जताई। इसके अलावा सदन में तिरुचि शिवा और पी विल्सन, शिवसेना की डॉ फौजिया खान, कांग्रेस के केटीएस तुलसी ने भी प्राइवेट मेंबर बिल पेश किए।
सदन के बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
राज्यसभा के निलंबित 12 सांसदों के समर्थन में जुटे सांसदों का विरोध करते हुए भाजपा सांसदों ने विरोध मार्च निकाला। भाजपा निलंबित सांसदों के फोटो लेकर गांधी प्रतिमा के नीचे बैठे विपक्षी सांसदों के सामने पहुंच गए। विपक्ष के नेता मोदी हटाओ देश बचाओ का नारा लगा रहे थे। वहीं सत्तापक्ष के सांसदों का आरोप है कि विपक्ष के सांसद सदन की गरिमा गिरा रहे हैं और संसद न चलाकर देश के लोगों का करोड़ों रुपये का नुकसान कर रहे हैं।
निलंबित सांसद माफी मांगने को तैयार नहीं, विपक्ष से क्या बात करें: गोयल
राज्यसभा के 12 सांसदों के निलंबन के कारण गतिरोध के बीच सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष से कैसे बात हो सकती है, वे पिछले सत्र में अपने अमर्यादित व्यवहार के लिए माफी मांगने को ही तैयार नहीं हैं। दरअसल राजद सांसद मनोज झा ने राज्यसभा में बताया कि भाजपा के कुछ सदस्य और संसद भवन के द्वार पर धरना दे रहे निलंबित सांसद आमने-सामने हो गए। इस मुद्दे को जब कुछ अन्य सदस्यों ने सदन में उठाना चाहा तो सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि वह इस गलतफहमी को दूर करना चाहते हैं कि नेता प्रतिपक्ष को निलंबित सदस्यों के बारे में बोलने नहीं दिया जा रहा है।नेता प्रतिपक्ष को शून्यकाल में पांच मिनट का समय दिया गया था। मुझे उम्मीद है कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सभी मिलकर काम करेंगे।
ब्लैक फंगस के 51775 मामले
देश में 29 नवंबर तक ब्लैक फंगस के 51,775 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा में बताया कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है। केंद्र सरकार ने कोविड की दूसरी लहर के दौरान ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों की चुनौती से निपटने में राज्यों की मदद की है। मंत्रालय ने पोर्टल बनाकर इस पर राष्ट्रव्यापी दिशा-निर्देश जारी किए।