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Congress: राहुल के US दौरे के बीच पार्टी को बड़ा झटका, IOC के राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र वशिष्ठ ने दिया इस्तीफा

Wed, 11 Sep 2024 11:35 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र वशिष्ठ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 
 
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इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र वशिष्ठ - फोटो : एक्स
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विस्तार
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आजकल अमेरिका के दौरे पर है। वह वहां से लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर हमला बोल रहे हैं। इस बीच, पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र वशिष्ठ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 

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उदयपुर घोषणा पत्र के बाद वीरेंद्र वशिष्ठ ने पद छोड़ने का एलान किया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा सौंपा। वशिष्ठ ने कहा, 'उदयपुर घोषणा के अनुसार, मैंने इस भूमिका में पांच साल पूरे कर लिए हैं।'

बता दें, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेशी दौरों के मुख्य आयोजक वीरेंद्र वशिष्ठ थे। अमेरिका के दौरे का भी पूरा इंतजाम इन्होंने ही किया था। हालांकि अब इनके इस्तीफे से पार्टी को झटका लगा है। 
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क्या है कांग्रेस का उदयपुर घोषणा पत्र?
मई 2022 में कांग्रेस ने राजस्थान के उदयपुर में चिंतन शिविर का आयोजन किया था। शिविर के समापन पर जारी घोषणा पत्र में संगठनात्मक सुधार के तहत ‘एक व्यक्ति एक पद’ की नीति अपनाने की बात कही गई थी। साथ ही पार्टी का नेतृत्व युवाओं को देने और अन्य प्रस्ताव चुनाव के लिए टिकट बंटवारे और पदाधिकारियों के कार्यकाल से संबंधित थे।

शिविर में क्या क्या फैसले लिए गए थे? 
कार्य समिति की बैठक में एक परिवार के एक ही सदस्य को टिकट देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई थी। इसके अलावा कहा गया था कि पांच साल संगठन में सक्रिय रहने के बाद ही परिवार के किसी दूसरे नेता को टिकट दिया जाएगा। अब कोई भी नेता पार्टी में पांच साल तक ही पद पर रह सकेगा। तीन साल संगठन के लिए काम करने के बाद उसे फिर से पद दिया जाएगा। पैराशूट उम्मीदवारों को भी टिकट देने पर रोक लगाई गई थी। 

इन्हें जल्द ही लागू करने की कही थी बात
  • कांग्रेस संगठन को ब्लॉक, मंडल, शहर, जिला और प्रदेश स्तर पर पुनर्गठित करना। 
  • नीचे से ऊपर तक 50 फीसदी पद 50 साल से कम उम्र के नेताओं को देना। 
  • कांग्रेस कार्यसमिति में भी 50 फीसदी पद पर 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को लाना। 
  • कांग्रेस अध्यक्ष के लिए एक सलाहकार समिति बनाना।
  • शीर्ष स्तर पर संगठन में तीन नए विभागों का गठन। 
  • पदाधिकारियों के कामकाज का समय पर मूल्यांकन करना।
  • पार्टी के लिए अच्छा काम करने वालों को इनाम और न करने वालों की छुट्टी करना

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