गणतंत्र दिवस परेड को लेकर भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह ने बताया कि इस साल की थीम आत्मनिर्भरता है। झांकी में इस बार स्वदेशी तरीके से तैयार आईएनएस विक्रांत को दर्शाया जाएगा।
भारतीय व्यापारिक जहाजों को समुद्री डकैती से बचाने के लिए फारस की खाड़ी, सोमालिया तट और अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना के युद्धपोत को तैनात किया गया है। भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह ने इसकी जानकारी दी।
विज्ञापन
समुद्री डकैती पर बोले वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह
वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह ने कहा, 'भारतीय नौसेना की प्रमुख भूमिका हमारे समुद्री हितों की रक्षा करना है। इसमें समुद्री मार्गों से होने वाले व्यापार की रक्षा करना भी शामिल है। मौजूदा समय में हिंद महासागर क्षेत्र में हमने अपने जहाजों को तैनात किया है। लाल सागर, सोमालिया तट और अदन की खाड़ी में हुई घटना के बाद हमने यहां जहाज तैनात करना शुरू किया। हमने वहां बड़ी संख्या में लड़ाकों को तैनात किया है, जिसमें कोलकाता श्रेणी के विध्वंशक, कई फ्रिगेट और अन्य जहाज शामिल हैं।'
गणतंत्र दिवस के परेड को लेकर दी जानकारी
गणतंत्र दिवस परेड को लेकर वाइस एडमिरल ने बताया कि इस साल की थीम आत्मनिर्भरता है। उन्होंने कहा, 'गणतंत्र दिवस पर हम जो झांकी प्रस्तुत करने जा रहे हैं उसकी थीम आत्मनिर्भरता है। इस झांकी में स्वदेशी तरीके से तैयार आईएनएस विक्रांत को दर्शाया जाएगा, जिसे दो साल पहले चालू किया गया था। इसके साथ ही स्वदेशी युद्धपोत और पनडुब्बी को भी दर्शाया जाएगा।'
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा, 'हम नारी शक्ति को भी प्रदर्शित करेंगे। नौसेना में कुल 600 महिला अधिकारी है। यह संख्या आगे जाकर बढ़ने वाली है। महिला शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों को भी धीरे धीरे स्थाई कमीशन में रखा जा रहा है। अग्निवीर योजनाओं में महिलाओं को भी शामिल किया जा रहा है। एक हजार के करीब महिला अग्निवीर नौसेना में शामिल हुईं है।'