पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं के साथ एमएच 60आर हेलीकॉप्टर को अगले सप्ताह भारतीय नौसेना अपने बेडे़े में शामिल करेगी, जिसके बाद नौसेना की क्षमताएं में बढ़ोतरी होगी। नौसेना के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह छह मार्च को आईएनएस गरूड़ में शामिल एमएच 60आर सी-हॉक हेलिकॉप्टर को देश को समर्पित करेंगे। कैप्टन एम अभिषेक राम की कमान के तहत इसे भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा।गौरतलब है कि फरवरी 2020 में चौथी पीढ़ी के 24 एमएच 60आर हेलिकॉप्टर हासिल करने के लिए अमेरिका के साथ केंद्र सरकार ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था, जिनमें से छह को अब तक भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया है।
समुद्री शक्ति और क्षमताओं में होगी बढ़ोतरी- अभिषेक राम
कैप्टन एम अभिषेक राम ने कहा कि इन हेलिकॉप्टरों के भारतीय नौसेना में शामिल होने से समुद्री शक्तियों और क्षमताओं में बढ़ोतरी होगी। नए हेलीकॉप्टर की क्षमताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे दिन और रात के दौरान खोज और बचाव अभियान, चिकित्सा सहायता, युद्ध समेत कई चीजों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसके भारतीय नौसेना में शामिल होने के बाद से क्षमताओं में विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि एमएच 60आर टॉरपीडो मिसाइल और उन्नत सटीक रॉकेट दागने में भी सक्षम है।
पायलटों के अनुकूल है एमएच 60आर- अनीश
एमएच 60आर के प्रशिक्षित पायलटों में से एक लेफ्टिनेंट कमांडेंट अनीश अयारोटिल ने कहा कि एमएच 60आर सबसे उन्नत हेलिकॉप्टरों में से एक है और सिस्टम पायलट के अनुकूल हैं।
नौसेना के लिए अहम हैं एमएच 60 आर हेलीकॉप्टर्स
बता दें कि एमएच 60 आर हेलीकॉप्टर्स एक मल्टी मिशन हेलीकॉप्टर है। नौसैन्य तौर पर इसे सबसे आधुनिक हेलीकॉप्टर्स में शुमार किया जाता है। समुद्री सीमा की निगरानी करने, मेरीटाइम गतिविधियों पर नजर रखने और पानी के भीतर के खतरों से निपटने में यह हेलीकॉप्टर बेहद अहम है। नौसेना आईएनएस विक्रांत पर इस हेलीकॉप्टर की सफलतापूर्वक लैंडिग करा चुकी है। इसकी मदद से भारत की हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में स्थिति मजबूत हुई है। बता दें कि डील के तहत अमेरिका कई एमएच 60आर हेलीकॉप्टर्स का निर्माण भारत में ही करेगा।
क्या है हेलीकॉप्टर की विशेषता?
समुद्री इलाके के लिए इसे दुनिया का सबसे उपयुक्त और शक्तिशाली हेलीकॉप्टर माना जाता है। इसकी मारक क्षमता करीब 834 किलोमीटर है और वजन 689 किलो है। इसे विमानन क्षेत्र की आधुनिक और चुनौतीपूर्ण नई प्रौद्योगिकियों के साथ कई मिशनों में सहयोग देने के लिए डिजाइन किया गया है। यह मल्टीरोल हेलीकॉप्टर आल वेदर हेलीकॉप्टर हैं और नौसेना के बेड़े में इसके शामिल होने से भारत की समुद्री रणनीतिक सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।