नौसेना फरवरी के अंत में अपना सबसे बड़ा बहुपक्षीय नौसेनिक अभ्यास 'मिलन' आयोजित करने के लिए तैयार है। भारत ने 25 फरवरी से विशाखापत्तनम में बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलान में भाग लेने के लिए कुल 46 मित्र देशों को न्यौता भेजा है। जिन देशों को अभ्यास के लिए निमंत्रण दिया गया है उनमें रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, इजराइल, ईरान, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, बांग्लादेश, ब्राजील, संयुक्त अरब अमीरात, अन्य शामिल हैं।
कोरोना महामारी के कारण 2020 में नहीं हो पाया अभ्यास
2020 में यह अभ्यास होना था और इसके लिए 41 देशों को आमंत्रित किया गया था, उनमें से 30 ने पुष्टि की थी लेकिन दुनिया भर में कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण अभ्यास को रद्द कर दिया गया था। 2018 में इस अभ्यास में 17 देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया था। मिलन 2022 इस आयोजन का ग्यारहवां संस्करण है और इसे पूर्वी नौसेना कमान के तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा।
क्या है मिलन अभ्यास?
यह सबसे जटिल नौसैनिक अभ्यास है जो भारत किसी भी अन्य देश के साथ करता है। मिलन एक बहुपक्षीय युद्ध नौसैनिक अभ्यास है जिसे 1995 में शुरू किया गया था। उद्घाटन संस्करण में भारतीय नौसेना के अलावा, इंडोनेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और थाईलैंड की नौसेनाओं ने भाग लिया था।