पांच तेजस विमान जाएंगे यूके
महत्वपूर्ण युद्भाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए पांच तेजस विमान यूके के लिए उड़ान भरेंगे। भारतीय वायु सेना का सी-17 विमान जरूरी परिवहन सहयोग उपलब्ध कराएगा। भारत में ही विकसित किए गए इन लड़ाकू विमानों ने हाल ही में हुए 'सिंगापुर एयर शो 2022' में भी हिस्सा लिया था। इस एयर शो का आयोजन 15 से 18 फरवरी के बीच हुआ था।
रक्षा मंत्रालय ने इसी साल हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ 83 तेजस लड़ाकू विमानों का का निर्माण करने के लिए सौदा किया था। यह सौदा एयरो इंडिया इंटरनेशनल एयर शो के दौरान किया गया था। भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में इस समय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर काम कर रही है और इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं।
इसलिए खास है तेजस विमान
स्वदेशी तेजस विमान सिंगल इंजन और बहु-भूमिका वाला अत्यंत फुर्तीला सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है। इसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने किया है। तेजस हवाई क्षेत्र के साथ उच्च खतरे की स्थितियों में भी लड़ने में कारगर है। यह मुख्य रूप से हवाई युद्ध में काम आने वाला विमान है। ये आठ से नौ टन तक बोझ उठा सकते हैं।
इसके साथ ही ये हल्के लड़ाकू विमान 52 हजार की फीट तक उड़ सकते हैं। इसके अलावा ये ध्वनि की गति यानी मैक 1.6 से लेकर 1.8 तक की रफ्तार से उड़ सकते हैं। तेजस की एक और खासियत यह है कि यह दूर से ही दुश्मन के विमान पर हमला करने में सक्षम है। साथ ही यह लड़ाकू विमान दुश्मन के रडार को चकमा देने की क्षमता भी रखता है।

सेना को मिले आरपीए, बढ़ेगी निगरानी क्षमता
उधर, भारतीय सेना को सामरिक स्तर पर चल रहे आधुनिकीकरण और नई व बेहतर प्रौद्योगिकियों को शामिल करने के हिस्से के रूप में दूर से नियंत्रित किए जा सकने वाले छोटे विमान (रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट या आरपीए) प्राप्त कर लिए हैं। सेना ने कहा कि ये आरपीए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेना की निगरानी क्षमता में और इजाफा करेंगे।