12 साल बाद एक बार फिर भारतीय पत्रकार को रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड मिला है। भारत के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को इस साल के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार के लिए चुना गया है। इस पुरस्कार को नोबेल पुरस्कार का एशियाई संस्करण माना जाता है। रेमन मैग्सेसे पुरस्कार फाउंडेशन ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की।
रवीश कुमार के अलावा, इस साल के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार के चार अन्य विजेताओं में म्यामांर के को स्वे विन, थाइलैंड की अंगखाना नीलापाइजित, फिलीपीन के रैयमुंडो पुजंते और दक्षिण कोरिया के किम जोंग की शामिल हैं।
पुरस्कार विजेताओं को 31 अगस्त, 2019 को आयोजित होने वाले आधिकारिक समारोह में मैग्सेसे पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है। इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा यह पुरस्कार 40 भारतीयों को भी मिल चुका है।
आचार्य विनोबा भावे पहले भारतीय थे जिन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं, मदर टेरेसा पहली भारतीय महिला थी जिन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
बता दें कि रेमन मैग्सेसे पुरस्कार एशिया के व्यक्तियों और संस्थाओं को उनके अपने क्षेत्र में विशेष रूप से उल्लेखनीय कार्य करने के लिए प्रदान किया जाता है। 1957 में शुरू हुए इस पुरस्कार को एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
रेमन मैगसेसे पुरस्कार एक वार्षिक पुरस्कार है, जो फिलीपीन के पूर्व राष्ट्रपति रेमन मैगसेसे के याद में उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने शासन में ईमानदारी, लोगों के लिए साहसी सेवा और लोकतांत्रिक समाज के भीतर व्यावहारिक आदर्शवाद की मिसाल कायम की हो। यह पुरस्कार अप्रैल 1957 में फिलीपीन सरकार की सहमति से न्यूयॉर्क शहर स्थित रॉकफेलर ब्रदर्स फंड के ट्रस्टियों द्वारा स्थापित किया गया था।