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उज्बेकिस्तान में मेडिकल स्टडी के नाम पर खेल: भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी, कहा- बिना जांच न लें दाखिला

Sat, 04 Apr 2026 11:24 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उज्बेकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की बढ़ती शिकायतों के बाद भारतीय दूतावास ने एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने छात्रों को एजेंटों से बचने और यूनिवर्सिटी की मान्यता व नेशनल मेडिकल कमीशन के नियमों की अच्छे से जांच करने की सलाह दी है।
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विदेश मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विदेश जाकर डॉक्टर बनने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए एक बहुत जरूरी खबर है। उज्बेकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां मेडिकल की पढ़ाई करने जा रहे छात्रों के लिए एक बेहद जरूरी एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने साफ कहा है कि किसी भी विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने से पहले उसकी मान्यता और वहां के नियमों की अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर लें।
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शिकायतों के बाद दूतावास सख्त
दरअसल, पिछले कुछ समय में ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास को मेडिकल यूनिवर्सिटीज और एडमिशन कराने वाले एजेंटों को लेकर कई गंभीर शिकायतें मिली थीं। इसके बाद ही दूतावास को यह कदम उठाना पड़ा। दूतावास ने छात्रों को आगाह किया है कि वे किसी भी एजेंट के झूठे वादों या झांसे में न आएं।

एडमिशन से पहले इन बातों का रखें खास ख्याल
दूतावास ने छात्रों से कहा है कि वे दाखिला लेने से पहले यह पक्का कर लें कि संबंधित यूनिवर्सिटी अपनी तय क्षमता से ज्यादा बच्चों का एडमिशन तो नहीं ले रही है। इसके अलावा, सबसे जरूरी बात यह है कि वहां से मिलने वाली डिग्री भारत में मान्य होनी चाहिए। इसके लिए यूनिवर्सिटी को भारत के नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा।
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तेजी से बढ़ी है छात्रों की संख्या
आंकड़ों की बात करें तो उज्बेकिस्तान में इस समय करीब 21 हजार भारतीय रह रहे हैं, जिनमें से लगभग 16,300 सिर्फ छात्र हैं। पिछले कुछ वर्षों में यहां मेडिकल की पढ़ाई के लिए भारतीय छात्रों की संख्या में भारी उछाल आया है। छात्रों की बढ़ती तादाद को देखते हुए वहां कई नए प्राइवेट संस्थान भी खुल गए हैं, जिनकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
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दूतावास ने जारी की 8 प्वाइंट की चेकलिस्ट
छात्रों की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए दूतावास ने 8 बिंदुओं की एक चेकलिस्ट जारी की है। छात्रों से कहा गया है कि वे इन सभी पॉइंट्स को खुद जांच करें। दूतावास ने साफ किया है कि ताशकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी की एक ब्रांच समेत कुछ संस्थानों में नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। किसी भी तरह का शक होने पर छात्र सीधे भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं।

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