भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अगले महीने यानी मई में अपना अगला लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसरो प्रमुख वी नारायणन ने शनिवार को कहा कि इस नए वित्तीय वर्ष में कई मिशन निर्धारित किए गए हैं और इसरो इन मिशनों की शुरुआत मई से करेगा। हालांकि नारायणन ने किसी विशिष्ट मिशन का नाम नहीं लिया। नारायणन शनिवार को केरल के एक पुरस्कार समारोह में बोल रहे थे, जहां उन्हें केपीपी नांबियार अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम तत्काल लॉन्च के लिए तैयारी कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो चुकी है और कई मिशन योजना में हैं, जिनकी शुरुआत हम मई में करेंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गगनयान मिशन से जुड़ा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट-2 (IADT-2) भी जारी है। नारायणन ने बताया कि इस पर काम निर्धारित समय पर हो रहा है, लेकिन किसी खास तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
नासा के आर्टेमिस मिशन की तारीफ की
इस दौरान नारायणन ने नासा के आर्टेमिस मिशन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आर्टेमिस-II मिशन, जो चंद्रमा के चारों ओर कक्षा में यात्रा करेगा, मानव यात्रा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नारायणन ने कहा कि इस मिशन को देखना उनके लिए एक विशेष अनुभव था, क्योंकि वे खुद कनेडी स्पेस सेंटर में गए थे जब रॉकेट का निर्माण हो रहा था।
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भारतीय नेविगेशन प्रणाली पर भी बात की
नारायणन ने भारतीय नेविगेशन प्रणाली नाविक पर भी बात। उन्होंने कहा कि यह प्रोग्राम ट्रैक पर है। अगले लॉन्च के बारे में विवरण समय आने पर दिया जाएगा। उन्होंने PSLV-C62 मिशन की विफलता पर बनी क विजय राघवन समिति का भी उल्लेख किया और कहा कि यह समिति काम कर रही है और उसकी रिपोर्ट जल्द ही सामने आएगी।
गगनयान मिशन की तैयारी पर भी जोर दिया
इसके साथ ही नारायणन ने गगनयान मिशन की तैयारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गगनयान मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। नारायणन ने बताया कि ये प्रशिक्षण विशेष रूप से 4 किलोमीटर की ऊंचाई पर हो रहे हैं, ताकि अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष की गहरी यात्रा के लिए तैयार किया जा सके।
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चंद्र मिशनों पर भी काम जारी- इसरो प्रमुख
अपने भाषम में नारायणन ने चंद्र मिशनों की तैयारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 के बाद के चंद्र मिशनों पर भी काम जारी है। इस पर इंजन और अन्य महत्वपूर्ण घटकों पर विकास हो रहा है।नारायणन ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इसरो लगातार अपने अंतरिक्ष कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहा है और यह अगले साल 2026-27 के वित्तीय वर्ष में और भी महत्वपूर्ण कदम उठाने की दिशा में काम करेगा।