पुणे के स्टार्टअप के शोधकर्ताओं ने खून में मौजूद कैंसर सेल के आधार पर कैंसर का चरण पता करने का नया तरीका विकसित किया है। इनोवेशन एंड रिसर्च के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. जयंत खानडारे ने बताया, पहले ट्यूमर के आकार से कैंसर के चरण का आकलन किया जाता था। हमने यह स्थापित किया कि सिर और गले का कैंसर भी अन्य ठोस ट्यूमर की तरह प्रणालीगत तरीके से खून के जरिये फेफड़े, स्तन, गुदा आदि तक पहुंचता है। अभी तक माना जाता था कि सिर और गले का कैंसर अन्य हिस्सों में नहीं फैलता।
देश में सबसे अधिक सिर और गले का कैंसर होता है। इनमें से 30 फीसदी से अधिक मामलों के पीछे तंबाकू और शराब का सेवन है। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर कैंसर रिसर्च के मुताबिक भारत में हर साल 2.7 लाख नए कैंसर के मामले दर्ज होते हैं और 1.7 लाख लोगों की इस बीमारी से असमय मौत हो जाती है।