आशा पारेख ने कहा कि हमारे समय में वैनिटी वैन जैसी कोई सुविधा नहीं थी। जब हम शूटिंग के लिए जाते थे तो स्टूडियो में बाथरूम नहीं होते थे और हम पूरे दिन बिना बाथरूम जाए बिना वहां बैठे रहते थे। शुक्र है कि मुझे किडनी से संबंधित कोई समस्या नहीं थी।
भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख ने कहा, उन्हें बाथरूम जाए बिना पूरा-पूरा दिन स्टूडियों में बैठना पड़ता था। गोवा में भारतीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के 53वें संस्करण में मीडिया से बातचीत में अपने जमाने की दिग्गज अदाकारा ने कहा, अपने दौर में स्वच्छता सुविधाओं की कमी के कारण अभिनेताओं और अभिनेत्रियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।
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उन्होंने कहा, मुझे याद है कि हमारे समय में वैनिटी वैन जैसी कोई सुविधा नहीं थी। जब हम शूटिंग के लिए जाते थे तो स्टूडियो में बाथरूम नहीं होते थे और हम पूरे दिन बिना बाथरूम जाए बिना वहां बैठे रहते थे। शुक्र है कि मुझे किडनी से संबंधित कोई समस्या नहीं थी। कभी-कभी हम झाड़ियों के पीछे अपने कपड़े भी बदलते थे।
कुछ दिन पहले जया बच्चन ने भी किया था जिक्र
हाल ही में जया बच्चन ने भी वर्षों पहले फिल्म सेट पर शौचालय नहीं होने के बारे में अपने संघर्षों को साझा किया। अपनी पोती नव्या नवेली नंदा के पॉडकास्ट व्हाट द हेल नव्या के एक एपिसोड में जया ने बताया कि कैसे उन्हें झाड़ियों के पीछे सैनिटरी नैपकीन बदलना पड़ा, क्योंकि उस समय वैनिटी वैन और शौचालय जैसी कोई सुविधा नहीं थी।