भारतीय खगोलविदों ने ब्रह्मांड में सबसे दूर स्थित स्टार आकाशगंगाओं में से एक की खोज की है। भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विभाग ने बताया कि यह अद्वितीय खोज भारत के एस्ट्रोसैट/यूवीआईटी से की गई। विभाग ने कहा कि यूवीआईटी डिटेक्टर में बैकग्राउंड नॉइज (पृष्ठभूमि का शोर) नासा के हबल टेलीस्कोप की तुलना में बहुत कम है, जो इस खोज का अहम कारक रहा।
इस खोज को लेकर नासा ने भी अपने तरफ से बधाई दी है। नासा के सार्वजनिक मामलों के अधिकारी, फेलिशिया चाउ ने इस मामले पर कहा कि विज्ञान दुनिया भर में सहयोगात्मक प्रयास है और इनकी तरह की खोजों से मानव जाति की समझ में मदद मिलती है कि हम कहां से आते हैं, हम कहां जा रहे हैं, और क्या हम अकेले हैं?
अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की इस खोज को ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे लेकर रहा है कि यह गर्व की बात है कि एस्ट्रोसैट ने धरती से 9.3 बिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक आकाशगंगा का पता लगाया है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत की क्षमता एक विशिष्ट स्तर पर पहुंच गई है, जहां से हमारे वैज्ञानिक अपनी क्षमताओं के संकेत दे रहे हैं।