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Indian Army: 'आठ लैंडिंग अटैक क्राफ्ट हासिल करने की प्रक्रिया शुरु', भारतीय सेना के अधिकारी ने दी जानकारी

Tue, 17 Oct 2023 03:13 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया कि सेना ने देश के कई हिस्सों में क्रीक क्षेत्रों और नदी घाटियों में खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए आठ लैंडिंग अटैक क्राफ्ट हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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भारतीय सेना (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वैश्विक समुद्री भारत शिखर सम्मेलन (जीएमआईएस) के तीसरे संस्करण का उद्घाटन किया। उन्होंने शिखर सम्मेलन में सभी का स्वागत किया। भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया कि सेना ने देश के कई हिस्सों में क्रीक क्षेत्रों और नदी घाटियों में खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए आठ लैंडिंग अटैक क्राफ्ट हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मेक इन इंडिया इन डिफेंस कार्यक्रम के तहत छह तेज गश्ती नौकाएं खरीदने की योजना आगे बढ़ रही है।
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पीएम मोदी ने गुजरात के दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण में 4500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले ‘टूना टेकरा ऑल वेदर डीप ड्राफ्ट टर्मिनल’ की आधारशिला भी रखी। कार्यक्रम के दौरान समुद्री क्षेत्र में वैश्विक और राष्ट्रीय साझेदारी के लिए सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के 300 से अधिक समझौता ज्ञापन को भी पेश किया। उन्होंने कहा कि निवेशकों के पास देश के साथ साझेदारी करने और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईईसी) का हिस्सा बनने का अवसर है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि भारत की मैरीटाइम क्षमता मजबूत रही है। देश और दुनिया को इससे बहुत लाभ हुआ है। इसी सोच के साथ बीते नौ वर्षों से इस सेक्टर को सशक्त करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत की पहल पर एक ऐसा कदम उठाया गया है, जो 21वीं सदी में दुनिया भर की मैरीटाइम इंडस्ट्री के कायाकल्प का सामर्थ्य रखता है। जी-20 समिट के दौरान इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर पर ऐतिहासिक सहमति बनी है। सैकड़ों वर्ष पहले सिल्क रूट ने वैश्विक व्यापार को गति दी थी, ये दुनिया के कईं देशों के विकास का आधार बना था। अब ये ऐतिहासिक कॉरिडोर भी क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार की तस्वीर बदल देगा
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