लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास तैनात भारतीय सेना को हर मोर्चे का सामना करने के लिए हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर लद्दाख के नयोमा में फॉरवर्ड बेस पर सेना के जवानों को एसआईजी सॉर 716 असॉल्ट राइफल और स्विस एमपी-9 पिस्टल मुहैया कराई गई है, ताकि चीन से लगे बॉर्डर पर सेना के जवान हर चुनौती का सामना कर सकें।
भारत और चीन के बीच एलएसी पर पिछले कुछ समय से सीमा विवाद को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है और दोनों देशों के बीच कमांडर लेवल की बातचीत का दौरा जारी है। हालांकि, इस बातचीत में दोनों के बीच विवादित स्थान से सैनिकों को पीछे हटाने की सहमति भी बनी है।
एसआईजी सॉर 716 असॉल्ट रायफल की खासियत
इससे पहले भारतीय सेना ने आधुनिकीकरण की प्रक्रिया के तहत एसआईजी सॉर 716 असॉल्ट रायफल के पहले बैच को शामिल किया था। इन अत्याधुनिक राइफलों का प्रयोग जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी अभियान में भी किया जाएगा। इस रायफल से भारतीय सेना की मारक क्षमता में वृद्धि होगी। क्योंकि, यह रायफल नजदीक से मार करने (क्लोज कॉम्बेट) और दूर से मार करने वाली रायफलों की श्रेणी की सबसे उन्नत तकनीक से लैस है।
भारत ने चीन सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए 75 हजार रायफलों का ऑर्डर दिया था। 7.62x51 mm कैलिबर के इन रायफलों से दुश्मन को 500 मीटर की दूरी से ही ढेर किया जा सकता है। इसके लिए पिछले साल अक्तूबर में अमेरिकी कंपनी एसआईजी सॉर से 780 करोड़ रुपए का सौदा किया गया था। नए रायफल इंसास राइफल्स की जगह ले रहे हैं, जिसका उत्पादन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज बोर्ड की ओर से किया गया था।