फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फैक्ट चेक: एलओसी पर आतंकी गतिविधि और सैन्य हलचल की खबरें पूरी तरह फर्जी, भारतीय सेना ने खारिज किए दावे

Sat, 12 Sep 2026 01:19 PM IST
अमन तिवारी आईएएनएस, नई दिल्ली

सार

भारतीय सेना ने एलओसी के पास बढ़ती आतंकी गतिविधियों और असामान्य सैन्य जमावड़े की खबरों को खारिज किया है। सेना ने कुपवाड़ा और बारामूला में लोगों को घर खाली करने के निर्देश दिए जाने के दावे को भी फर्जी बताया और नागरिकों से सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है।
विज्ञापन
भ्रामक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय सेना ने शनिवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास बढ़ती आतंकी गतिविधियों और असामान्य सैन्य जमावड़े से जुड़ी खबरों की पड़ताल कर उन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया है। इसके साथ ही सेना ने उन दावों को भी सिरे से नकार दिया, जिनमें आरोप लगाया गया था कि सेना ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में प्रमुख सैन्य ठिकानों के पास रहने वाले लोगों से अपने घर खाली करने को कहा है।
विज्ञापन


सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने फैक्ट-चेक अकाउंट से जानकारी देते हुए सेना ने बताया कि '@KashmirIntel_' नाम का एक्स हैंडल फर्जी खबर फैला रहा है। यह हैंडल इन दावों को इस झूठी बात से जोड़ रहा था कि कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में स्थानीय निवासियों को घर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। सैन्य अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि एलओसी पर आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी और 'असामान्य सैन्य हलचल' के दावे पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं।
विज्ञापन


सेना ने आगे बताया कि यह भ्रामक सूचना फैलाने वाला अकाउंट असल में पाकिस्तान समर्थित दुष्प्रचार (प्रोपेगैंडा) हैंडल है, जो यूरोप से संचालित होता है। यह हैंडल पहले भी कई मौकों पर फर्जी खबरें फैलाने के लिए जिम्मेदार रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इन झूठे दावों को फैलाने का मुख्य मकसद एलओसी के मौजूदा हालात को लेकर एक भ्रामक और गलत माहौल तैयार करना है।

सेना ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में इस पूरे खेल को समझाते हुए लिखा, "आतंकियों से जुड़े अपुष्ट दावे + सैन्य जमावड़े की बेबुनियाद बातें + मनगढ़ंत अटकलें = भ्रामक जानकारी। किसी भी बात को फैलाने से पहले उसकी सच्चाई जांचें।"

सेना ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे ऐसे गैर-प्रमाणित दावों पर कतई यकीन न करें और न ही इन्हें आगे बढ़ावा दें। सेना ने सभी से अपील की कि वे इस तरह की खबरों को शेयर या प्रचारित करने से पहले उनकी सत्यता की जांच जरूर कर लें।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें