केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विश्व स्तर पर ब्रांड इंडिया के निर्माण में और एक बेहतर व समृद्ध भविष्य बनाने में, विशेष रूप से अमृतकाल के दौरान आईआईटी हैदराबाद एक प्रमुख भूमिका निभाएगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि भारत चौथी औद्योगिक क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने जा रहा है। भारत केवल उपभोग करने वाला देश नहीं हो सकता। हमें आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के साथ-साथ वैश्विक कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए खुद के मॉडल को स्थापित करना होगा। केंद्रीय मंत्री आईआईटी हैदराबाद में बीवीआरएससीईएनटी की आधारशिला के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति उभरती विश्व व्यवस्था में भारत को शीर्ष पर स्थापित करने का एक रोडमैप है। उन्होंने सुझाव दिया कि आईआईटी हैदराबाद को सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा और कौशल प्रदान करने, जोखिम लेने को प्रोत्साहित करने, नौकरी चाहने वालों को नौकरी देने वालों में बदलने और उत्कृष्टता के नए मापदंड स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास एक आजीवन प्रक्रिया है। मंत्री ने आईआईटीएच में अनुसंधान गतिविधियों को मजबूत करने और संस्थान को नवाचार और उद्यमिता में सबसे आगे रखने के लिए जिम्मेदारी लेने और उदारतापूर्वक दान करने के लिए साइएंट से बीवीआर मोहन रेड्डी और अनिल चलमासेट्टी को धन्यवाद दिया।
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उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर ब्रांड इंडिया के निर्माण में और एक बेहतर व समृद्ध भविष्य बनाने में, विशेष रूप से अमृतकाल के दौरान आईआईटी हैदराबाद एक प्रमुख भूमिका निभाएगा। हमें प्रधानमंत्री के आत्मानिर्भर भारत के सपने को पूरा करना है। उन्होंने आईआईटी के विशेषज्ञों से सामाजिक जरूरतों को पूरा करने और किफायती वैश्विक समाधान प्रदान करने के लिए अपनी भूमिका को फिर से परिभाषित करने का आग्रह किया।
वहीं, डॉ बीवीआर मोहन रेड्डी ने कहा कि आज हम आईआईटीएच की विशिष्टता देख रहे हैं, चाहे वह इनोवेशन पार्क हो, रिसर्च सेंटर हो और इनोवेशन एंड आंत्रप्रेन्योरशिप और सस्टेनेबल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के लिए आगामी स्कूल की नींव हो।